सरकारी सप्लाई का पानी होगा ज्यादा 'SAFE'

ब्लीचिंग पाउडर की जगह अब क्लोरीन डाई ऑक्साइड से जल शुद्धिकरण
जलदाय विभाग शुरू कर रहा है कवायद
क्लोरीन डाई ऑक्साइड की गोलियों से शुद्ध होगा पीने का पानी
सिटी सर्कल के दो डिवीजन कार्यालयों ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया

By: anand yadav

Updated: 27 Sep 2020, 10:28 AM IST

जयपुर। राजधानी जयपुर के बाशिंदों को जल्द ही सरकारी सप्लाई में मिलने वाली जलापूर्ति पूरी तरह शुद्ध मिलेगी। जलदाय विभाग जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव कर रहा है और अब ब्लीचिंग पाउडर की जगह क्लोरीन डाई ऑक्साइड की गोलियों से पंप हाउसों में पानी शुद्ध करने की कवायद जल्द शुरू होने वाली है। जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया में बदलाव होने पर विभाग को दूषित पेयजल आपूर्ति व पाइप लाइनों की चौकिंग जैसी शिकायतों से राहत मिलना तय है। जयपुर सिटी सर्कल दक्षिण के दो डिवीजन कार्यालयों ने क्लोरीन डाई ऑक्साइड की खरीद व उसके उपयोग को लेकर ओएंडएम की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार अब तक ब्लीचिंग पाउडर के उपयोग से परम्परागत तरीके से जल शुद्धिकरण जलदाय विभाग कर रहा है। बीते चार साल पहले विभाग ने प्रतापनगर स्थित पंप हाउस में जल शुद्धिकरण के लिए नई तकनीक वाले प्लांट को परीक्षण के लिए लगाया था। वहीं अब विभाग ने ब्लीचिंग पाउडर की बजाय क्लोरीन डाई ऑक्साइड के उपयोग को हरी झंडी दे दी है। प्लांट में भी क्लोरीन डाई ऑक्साइड का उपयोग किया गया। जलदाय अफसरों की मानें तो क्लोरीन डाई ऑक्साइड के उपयोग से पानी की शुद्धता सटीक ढंग से हो सकेगी। वहीं जलापूर्ति वाली पेयजल लाइनों की चौकिंग की समस्या से भी राहत मिल सकेगी।

प्रक्रिया में बदलाव के ये रहे कारण

अफसरों की मानें तो वर्तमान में उपयोग हो रहे ब्लीचिंग पाउडर में जल शुद्धिकरण क्षमता महज 33 फीसदी होती है जबकि शेष 78 फीसदी चूने की मात्रा पाउडर में मौजूद होती है। जिसके ज्यादा उपयोग से पाइप लाइने जाम होने की शिकायतें भी आम हैं।
वहीं क्लोरीन डाई ऑक्साइड में जल शुद्धिकरण क्षमता 75 फीसदी आंकी गई है। गत चार साल तक प्रतापनगर पंप हाउस में किए गए परीक्षण में भी इसकी पुष्टि हुई है। जिसके बाद विभाग ने क्लोरीन डाई ऑक्साइड से जल शुद्धिकरण करने की सहमति दी है।

पाउडर नहीं टेबलेट से पानी साफ
अब तक उपयोग हो रहा ब्लीचिंग पाउडर बेस है जबकि क्लोरीन डाई ऑक्साइड विभाग को गोलियों के रूप में सप्लाई होगा। वहीं सिटी सर्कल दक्षिण के प्रथम और द्वितीय डिवीजन कार्यालय ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं। जिसमें क्लोरीन डाई ऑक्साइड सप्लाई करने वाली फर्म ही पंप हाउस में जल शुद्धिकरण संधारण एवं संचालन— ओएंडएम करेगी।

इनका कहना है— सप्लाई हो रहे पानी की शुद्धता को लेकर बदलाव किया जा रहा है। ब्लीचिंग पाउडर की जगह अब क्लोरीन डाई ऑक्साइड का उपयोग करना तय किया गया है। सिटी सर्कल साउथ के दो डिवीजन कार्यालयों से इसकी शुरूआत होगी। सतीश जैन, एसई, सिटी सर्कल,जयपुर पीएचईडी

anand yadav Desk
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