जल​जनित मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्क हुआ पीएचईडी

चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त निदेशक के पत्र के बाद जागा जलदाय विभाग
सभी पंप हाउसों और ट्यूबवैलों से नियमित सैंपल लेने की कवायद शुरू

By: anand yadav

Published: 29 Jun 2020, 10:34 AM IST

जयपुर। मानसून के दौरान जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जलदाय विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य— ग्रामीण कार्यालय ने जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता ग्रामीण को पत्र लिखकर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता ग्रामीण आरके मीणा ने रीजन अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को मानसून के दौरान शहरी और ग्रामीण इलाकों में हो रही सरकारी जलापूर्ति में गुणवत्ता जांच नियमित करने, पंप हाउसों के साथ सरकारी ट्यूबवैलों के पानी की सैंपलिंग की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जलदाय उपखंड कार्यालयों मं दर्ज दूषित पेयजल वितरण की शिकायतों पर भी त्वरित और गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश संबंधित अभियंताओं को दिए गए हैं।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते जलदाय विभाग ने बीते दो महीने से पानी की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए वितरण से पहले पानी में सुपर क्लोरीनेशन किया था। अब चुंकि लॉक डाउन में छूट राज्य सरकार ने दी है तो इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण इलाकों से पेयजल वितरण केंद्रों से पानी के सैंपल जलदाय विभाग की जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला में जमा होने लगे हैं। विभाग शहरी और ग्रामीण इलाकों में मानसून के दौरान विशेष तौर पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पेयजल गुणवत्ता जांच का काम शुरू कर चुका है। पहले चरण में शहरी और ग्रामीण इलाकों के पंप हाउसों से नियमित सैंपलिंग शुरू की गई है। इसके अलावा सरकारी नलकूपों के पानी सैंपल भी रेंडम तौर पर लिए जा रहे हैं।

anand yadav Desk
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