पीएचईडी में डेढ़ करोड़ रुपए गबन की पुलिस जांच ठंडे बस्ते में

डेढ़ साल बाद भी पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
घोटाले में नामजद जलदाय अफसर कर्मचारी हुए बहाल
शिकायतकर्ता ने अब पुलिस से मांगी जांच की प्रगति रिपोर्ट

जयपुर। जलदाय विभाग सिटी सर्कल के उपखंड जवाहर नगर में बीते डेढ़ साल पहले हुए करीब 1.41 करोड़ रुपए के गबन मामले में पुलिस जांच मामला उजागर होने के डेढ़ साल बाद भी एक इंच आगे नहीं खिसकी है। मामले में विभाग के तत्कालीन प्रमुख शासन सचिव ने स्पेशल आॅडिट कराई और पुलिस में मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए। जवाहर नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज तो हुआ लेकिन डेढ़ साल बाद भी पुलिस ने अब तक बयान तक दर्ज करना जरूरी नहीं समझा। दूसरी ओर मामले में नामजद एक्सईएन व एईएन को बहाल भी कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 से 2016 के बीच जवाहर नगर उपखंड कार्यालय में हुए घालमेल में जलदायकर्मियों ने वेतन बिलों में हेरफेर कर रिटायर हो चुके अथवा मृतक कर्मचारियों के वेतन—ओवरटाइम की राशि का गबन कर डाला। विभाग के ही एक कर्मचारी ने इसकी शिकायत विभाग के तत्कालीन प्रमुख शासन सचिव रजत कुमार मिश्र से की। जिस पर मिश्र ने स्पेशल आॅडिट कराई और पूरे फर्जीवाड़े में करीब 1 करोड़ 41 लाख रुपए गबन का मामला प्रथमदृष्टया गबन होना पाया गया।
प्रमुख शासन सचिव ने जवाहर नगर पुलिस थाने में मामले की एफआईआर दर्ज कराने व और एक्सईएन एनके वर्मा, सहायक अभियंता रजनीश बैरवा समेत चार अन्य जलदायकर्मियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए। एसीई जयपुर रीजन द्वितीय कार्यालय ने पुलिस में मामला दर्ज कराया लेकिन पुलिस जांच अब भी ठंडे बस्ते में है। दूसरी तरफ मामले की आलाधिकारियों को शिकायत करने वाले विभाग के कर्मचारी ने पुलिस विभाग से जांच की प्रगति रिपोर्ट सूचना के अधिकार के तहत मांगी है।

anand yadav
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