एनएबीएल सर्टिफाइड सरकारी लैब में पेस्टीसाइड जांच जल्द

जलदाय विभाग करेगा गैस क्रोमैटोग्राफी मास स्पेक्ट्रोस्कोपी मशीन की खरीद
करीब सवा करोड़ लागत मशीन की जल्द होगी खरीद
पीएचईडी लैब प्रशासन ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया

By: anand yadav

Published: 27 Nov 2019, 09:42 AM IST

जयपुर। जलदाय विभाग की राज्य व जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में पानी सैंपलों में पेस्टीसाइड की भी जांच जल्द शुरू होने वाली है। विभाग करीब सवा करोड़ रुपए लागत से गैस क्रोमैटाग्राफी मास स्पेक्ट्रोस्कोपी—जीसीएमएस मशीन की खरीद प्रक्रिया शुरू कर चुका है और माना जा रहा है कि अगले साल की शुरूआत से जयपुर स्थित विभाग की राज्य स्तरीय प्रयोगशाला को मशीन मिल जाएगी।
जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग की जयपुर गांधीनगर स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला को दो साल पहले एनएबीएल सर्टिफिकेट मिल चुका है। इसके बाद प्रयोगशाला प्रबंधन इस साल पानी में हैवी मैटल्स जांच की मशीन की खरीद कर चुका है और अब पानी में पेस्टीसाइड की जांच को लेकर
गैस क्रोमैटोग्राफी मास स्पेक्ट्रोस्कोपी—जीसीएमएस मशीन की खरीद की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग ने मशीन खरीद के टेंडर लगा कर टेक्निकल बिड भी खोल दी है और जल्द ही फाइनेंशियल बिड के बाद मशीन खरीद का रास्ता साफ हो जाएगा। गौरतलब है कि खेतीबाड़ी व नदियों के पानी में बढ़ रहे रासायनिक प्रदूषण से पीने के पानी में पेस्टीसाइड की मात्रा बढ़ने से जलजनित रोगों मेें भी बढ़ोतरी हो रही है। दूसरी तरफ अब तक जलदाय विभाग की प्रयोगशालाओं में पेस्टीसाइड जांच को लेकर अब तक कोई इंतजाम नहीं है। हालांकि विभाग इस साल जयपुर स्थित लैब को हैवी मेटल्स तत्वों की जांच के लिए मशीन की खरीद कर चुका है। अब पेस्टीसाइड जांच के लिए गैस क्रोमैटोग्राफ्री मास स्पेक्ट्रोस्कोपी मशीन मिलने पर जयपुर स्थित सरकारी लैब में पानी सैंपल जांच सौ से ज्यादा पैरामीटर पर हो सकेगी।
इनका कहना है— जीसीएमएस मशीन की खरीद प्रक्रिया लैब ने शुरू कर दी है। मशीन मिलने पर पानी में पेस्टीसाइड की जांच गहनता से हो सकेगी। उम्मीद है अगले साल जयपुर लैब को यह मशीन मिल जाएगी। राकेश माथुर, चीफ केमिस्ट, एसआरसी लैब,जलदाय विभाग

anand yadav Desk
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