सरकारी जमीन पर अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ जनहित याचिका

उच्च न्यायालय ने जारी किए नोटिस

 

 

By: Ankit

Updated: 03 Jan 2020, 12:58 AM IST

जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय आर्किड नर्सरी की आठ बीघा से ज्यादा जमीन पर कब्जा कर व्यवसायिक गतिविधियां चलाने के खिलाफ जनहित याचिका दायर हुई है। जिस पर जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम सहित अन्य विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता राजेश बागड़ा के वकील भरत व्यास ने बताया कि जयपुर जिले के राजस्व गांव सुशीलपुरा में खसरा नंबर 198 है, जिसे जयपुर क्षेत्र के लिए मास्टर डेवलपमेंट प्लान में नर्सरी और बाग है। करीबन आठ बीघा जमीन 1975 के सेक्टर प्लान और मास्टर प्लान 2011 में आर्किड नर्सरी के लिए जमीन आरक्षित और अधिग्रहित करना दिखाया गया है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की मिलीभगत से हरियाली को नुकसान पहुंचाते हुए व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। जबकि किसी भी मास्टरप्लान में ग्रीन एरिया के रूप में अधिसूचित भूमि का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता है। याचिका में वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए क्षेत्र के भारी वनों की कटाई की जानकारी देते हुए 2003 और 2019 तक क्षेत्र के सेटलाइट मानचित्र न्यायालय में पेश किए हैं। याचिका में जेडीए को ऑर्किड नर्सरी के लिए भूमि का उपयोग करने और व्यावसायिक निर्माणों को ध्वस्त की मांग की है। इसी के साथ भूमि पर चल रहे व्यवसायिक संस्थानों के बिजली पानी के कनेक्शन काटने की गुहार की है। जिस पर न्यायालय ने अतिरिक्त मुख्य सचिव यूडीएच, जयपुर विकास प्राधिकरण के सचिव, जयपुर नगर निगम (जेएमसी) के आयुक्त सहित अन्य को नोटिस जारी किए हैं।

Ankit Desk
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