जितने पेड़ काटें उससे 10 गुना पेड़ लगाएं

राजस्थान उच्च न्यायालय का आदेश

जयपुर।

राजमार्ग निर्माण के लिए जितने भी पेड़ काटे जाए उससे दस गुणा पेड़ लगाए जाने चाहिए। इसके साथ उच्च न्यायालय ने राजमार्ग निर्माण के लिए पेड़ काटने की अनुमति दे दी। न्यायालय ने पेड़ों के रखरखाव के साथ ही न्यायालय की भावना का सम्मान करने को कहा है। अलवर के गादोज मार्जरी से हरियाणा सीमा तक बनायी जाने वाली 43 किलोमीटर सड़क के लिए करीब 5 हजार पेड़ काटे जाने हैं।

राज्य सरकार ने माजरी से हरियाणा और माजरी से नीमराणा हाईवे के प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 43 किलोमीटर लंबी सड़क को स्टेट हाईवे के रूप में तैयार किया जाना है। जिसके लिए कुल 5729 पेड़ काटने के लिए चिन्हित किये गए। पेड़ काटने के खिलाफ लोकेश खण्डेलवाल ने जनहित याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से महाधिवक्ता एम एस सिंघवी ने कहा कि सरकार ने 859 पेड़ो को प्रत्यारोपित करने की योजना बनाई है। काटे जाने वाले पेड़ो तुलना में ज्यादा पेड़ लगाए जाएगें। वहीं याचिकाकर्ता ने पेड़ काटने का सख्त विरोध करते हुए पर्यावरण को होने वाले नुकसान का हवाला दिया। मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ ने दोनो पक्षो की बहस सुनने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा आरे मामले में दिये गये फैसले की तर्ज पर अलवर में भी 10 गुणा पौधे लगाने के निर्देश दिये। न्यायालय ने कहा कि राज्य में पौधे लगाने की सख्त आवश्यकता है और कोर्ट की भावना का सरकार सम्मान करेगी। मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के लिए 24 मार्च 2020 की तारीख तय कि है।

Ankit Desk
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