स्कूलों में पौधों में होगी सार सम्भाल


यूथ और ईको क्लब के बजट का होगा उपयोग

By: Rakhi Hajela

Published: 20 May 2021, 07:12 PM IST



जयपुर, 20 मई
लॉकडाउन की वजह से स्कूल बंद हैं, स्कूल में लगे पेड़ पौधों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में वह सूख सकते हैं, ऐसे में शिक्षा विभाग ने इनकी सुध लेने का निर्णय लिया है। इस बार लॉकडाउन की वजह से बंद सरकारी स्कूलों में सूखकर जल रहे पौधों की सार सम्भाल हो सकेगी। इसके लिए यूथ व ईको क्लब में आए बजट से एक जरूरतमंद व्यक्ति को रखकर पौधों को पानी दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिससे पेड़ पौधों को बचाया जा सके।
गौरतलब है कि लॉकडाउन की वजह से स्कूलें बंद हैं, और कोई स्कूल जा भी नहीं सकता, ऐसे में स्कूलों में लगे पौधे पानी के अभाव में सूख रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि यूथ और ईको क्लब के तहत जारी किए बजट का उपयोग करें और स्कूल के आसपास रहने वाले किसी व्यक्ति को निर्धारित मानदेय पर रख पौधों को पानी पिलवाएं। इससे लॉकडाउन की वजह उस जरूरतमंद व्यक्ति की आमदनी होगी और स्कूल के पौधे भी बच जाएंगे।
5 से 15 हजार रुपए का मिला था बजट
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को जीवन जीने का कौशल सिखाने के साथ ही पर्यावरण से जोडऩे के उद्देश्य से यूथ और ईको क्लब का गठन करने के आदेश दिए थे। इसके लिए स्कूलों में पांच सदन अग्नि, जल, वायु, आकाश व पृथ्वी के बनाए गए,जिससे स्टूडेंट्स में पर्यावरण संरक्षण करने की भावना आ सके। स्कूलों में गठित होने वाले यूथ और ईको क्लब के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए हर स्कूल को 5 से 15 हजार रुपए का बजट जारी किया गया है। इसमें प्रत्येक प्राथमिक स्कूलों के लिए 5 हजार, उच्च प्राथमिक स्कूलों को 10 हजार तथा माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय स्तर की हर स्कूल को 15 हजार रुपए की राशि दी गई है। ऐसे में इस मद का प्रयोग कर संस्था प्रधान पौधों को बचा सकेंगे।
इन्होंने उठाई थी मांग
गौरतलब है कि राजस्थान प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक के प्रदेशाध्यक्ष शशि भूषण शर्मा और विपिन शर्मा ने इस संबंध में मांग की थीए उनका कहना था कि पिछले साल भी लॉकडाउन में स्कूलों में लगे हजारों पेड़ पौधे सूख गए थे, वहीं हालात फिर से पैदा नहीं हो इसके लिए शिक्षा विभाग व्यवस्था करे।

Rakhi Hajela Desk
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