जेकेके में जीवंत होंगे साइकोलॉजिकल थ्रिलर 'द कैबि

जवाहर कला केंद्र में दो बेहतरीन नाटकों का मंचन आगामी 27 और 28 अप्रेल को किया जाएगा।

By: Rakhi Hajela

Published: 25 Apr 2018, 05:45 PM IST

जेकेके में जीवंत होंगे साइकोलॉजिकल थ्रिलर 'द कैबिनेट ऑफ डॉ. कैलिगारीÓ
'डार्क बॉर्डर्सÓमें सादत हसन मंटो की कहानियां
जेकेके में दो बेहतरीन नाट्य प्रस्तुतियों का होगा मंचन
जयपुर।

जवाहर कला केंद्र में दो बेहतरीन नाटकों का मंचन आगामी 27 और 28 अप्रेल को किया जाएगा। अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध थियेटर कलाकार नीलम मानसिंह के नाटक 'डार्क बॉर्डर्सÓ और प्रसिद्ध थियेटर निर्देशक दीपन शिवरामन द्वारा निर्देशित 'द कैबिनेट ऑफ डॉ. कैलिगारीÓ हैं का मंचन जवाहर कला केंद्र में होगा, ये दोनों नाटक 1920 की जर्मन एक्सप्रेसनिस्ट फिल्म से प्रेरित है। दोनों नाटक विभिन्न युगों के दौरान लोगों के जीवन पर पडऩे वाले राजनीति के प्रभाव का चित्रण करते हैं।

'डार्क बॉर्डर्सÓ प्रस्तुति में प्रसिद्ध नाटककार सादत हसन मंटो की कहानियों के कुछ संपादित भाग प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें राजनीतिक व सामाजिक बदलावों के दौरान परिवारों की होने वाली विनाश का चित्रण किया जाएगा, विशेष रूप से महिलाओं पर पडऩे वाले प्रभावों का। यह नाटक उन लोगों के जीवन को दर्शाता है जो समाज के सीमाओं पर खड़े हैं और जिन्हें लोगों ने भुला दिया है। इन्हें मंटो द्वारा आवाज, जीवन, पहचान व सम्मान दिया गया है। असंगतिपूर्ण व व्यंगपूर्ण हास्य प्रदर्षन के माध्यम से मंटो की यह रचना दर्शकों को घृणा और हिंसा के परिणाम बताएगी।
मंटो की विचारधारा के बारे में नीलम मानसिंह ने कहा कि मंटो की प्रकृति प्रभावशाली व कालातीत है, जो हमारी खोज का आधार बन गई है। मैं चाहती थी कि इसमें अभिनेता अपनी कहानियां बताए, अपने दर्द, नुकसान, विस्थापन व स्थानांतरण के बारे में बताए।

वहीं 'द कैबिनेट ऑफ डॉ. कैलिगारीÓएक राजनीतिक कहानी है, जो एक प्रमुख प्रयोगात्मक रचना है। यह नाटक नाजी जर्मनी का डार्क थ्रिलर है, जो समकालीन राजनीतिक व्यवस्था का शानदार चित्रण करता है। हत्या व क्रूरता पर आधारित यह नाटक डॉ.़ कैलिगारी और स्लीपवाकर की कहानी बताता है।
नाटक के बारे में श्री सिवारमन का कहना है कि 'द कैबिनेट ऑफ डॉ. कैलिगारीÓ मनुष्य के दिमाग की भिन्न परतों को देखने की संभावना प्रदान करती है। ये परतें स्थिर रहने के बजाय हमेशा अस्थायी रहती हैं और इनकी प्रकृति बहुत जटिल होती हैं। यही जटिलता मुझे बहुस्तरीय फैशन में कहानी की खोज करने की संभावना प्रदान की है।
जेकेके की महानिदेशक पूजा सूद ने कहा नीलम मानसिंह और दीपन सिवारमन जैसे निर्देशकों को आमंत्रित करना एवं इनकी प्रस्तुतियों का आयोजन करना हमारे लिए खुशी की बात है। इन युवा मेंटर्स ने हमारे युवा थियेटर निर्देशकों के साथ समय बिताकर उनका मार्गदर्शन किया है। युवा निर्देशकों व अन्य लोगों के लिए इनके कार्य को देखने और उनके अनुभवों से सीखने का शानदार अनुभव होगा।

Rakhi Hajela Desk
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