पग-पग पर बैठे ठग और सोई हुई है पुलिस

जरा सा चूके या लालच किया तो ठगने को तैयार बैठे हैं झांसेबाज, शहर में बीते दिनों हुए कुछ ऐसे ही मामले

By: Mridula Sharma

Published: 07 Jan 2019, 10:49 AM IST

जयपुर. हर तरफ पग-पग पर ठगी के लिए शिकारी बैठे हैं, आप जरा सा भी चूके या फिर लालच किया तो शिकार हो सकते हैं। ऐसे ही झांसेबाजों में चुंगल में रोज लोग फंसकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। रविवार को भी ऐसे की कई मामले सामने आए हैं। करधनी थाना इलाके में मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक से तीन लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। वहीं माणकचौक थाना इलाके में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर एक व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपए ले गए। इसके अलावा सदर थाना क्षेत्र में पॉलिसी क्लियरिंग के नाम पर 93 हजार रुपए ठग लिए।


झांसा: नौकरी लगवाने के नाम पर 3.70 लाख रुपए हड़पे
मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवक से तीन लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। पीडि़त गोविंदम ग्रीन सिटी निवासी पृथ्वीसिंह राठौड़ ने करधनी थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया कि पीडि़त के परिचित जोगिंदर ने 15 फरवरी 2016 को फोन कर उसे अपने जीजा के घर प्रताप विहार गोविंदपुरा बुलाया।
फिर उसने परिवादी को सिंगापुर में मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और वेतन पांच सौ डॉलर बताया। इसके लिए पांच लाख रुपए लगने की बात कही और एडवांस एक लाख रुपए मांगे। परिवादी ने 70 हजार दे दिए। इसके बाद आरोपी ने 8 जून को मुंबई स्थित फ्लैट पर बुलाया।

बनाता रहा बहाने और फिर किया इनकार
मुंबई पहुंचने के बाद परिवादी ने उसको दस्तावेज दे दिए। उसने एक लाख रुपए की और डिमांड की। परिवादी ने जयपुर आकर उसके खाते में 99,500 रुपए जमा करवाए। कुछ दिन बाद दो लाख रुपए और जमा करवा दिए। आरोपी ने एक दिन परिवादी को कहा कि सिंगापुर की जगह दुबई जाना है, वहां टे्रनिंग होगी। उसके बाद सिंगापुर भेज दिया जाएगा। जुलाई 2016 में दुबई में शिप पर भेजा, वहां पर पीडि़त से दो माह काम करवाया गया। जिस शिप पर पीडि़त को भेजा गया था, वह दो माह बाद स्के्रप में चला गया। पीडि़त को वापस भारत भेज दिया। पीडि़त आरोपी से मिला तो उसने कुछ दिन की मोहलत मांगी। इसके बाद पीडि़त ने आरोपी को कई बार फोन किया, लेकिन वह बहाने बनाता रहा और रुपए वापस करने से इनकार कर दिया।


ठगी : पॉलिसी क्लियरिंग के नाम पर 93 हजार ठगे
सदर थाना इलाके में एलआइसी अधिकारी बनकर पॉलिसी क्लियरिंग कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि गणपति नगर निवासी मुकेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसके पास एलआइसी अधिकारी का फोन आया और कहा कि पॉलिसी मैच्योर हो रही है। पॉलिसी क्लियरिंग के लिए एमबी सर्विस के खाते में 7200 रुपए का चेक जमा करवा दीजिए। पीडि़त ने चेक से खाते में रुपए जमा करवा दिए। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से एलआइसी अधिकारी बनकर ठगों ने पीडि़त को पॉलिसी मैच्योर नहीं होने के बाद अमाउंट जमा कराने को कहा। पीडि़त ने अलग-अलग खाते में करीब 93 हजार 200 रुपए जमा करवा दिए। ठगी का पता चलते ही पीडि़त ने विवेक मेहता, सीमा, पूजा, वीएन सक्सेना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है।


फर्जी पुलिसकर्मी बनकर डेढ़ लाख किए पार
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर युवक का पहले तो बैग चैक किया, फिर बातों में उलझाकर डेढ़ लाख रुपए गायब कर फरार हो गए। मामला माणक चौक थाना इलाके का है। पुलिस ने बताया कि धोकरिया भवन कीरो की गली घाटगेट निवासी राजू गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीडि़त जेवरात व्यापारियों का माल बेचकर दलाली का काम करता है। वह चार जनवरी को ठाकुर पचेवर का रास्ता में व्यापारियों को बेचे हुए माल का पेमेंट देकर आ रहा था। दोपहर दो बजे पहले तो दो युवकों ने रास्ता रोका और खुद को पुलिसकर्मी बताकर बैग चैक करवाने को कहा। पीडि़त ने मना किया, तो दो युवक और आ गए। चारों युवक पुलिस की धौंस दिखाने लगे। डर के मारे पीडि़त ने बैग चैक करवा दिया। युवकों ने बैग से साढ़े तीन लाख रुपए निकालकर खुद के बैग में रख लिए। पीडि़त ने ऐतराज किया और अपने रुपए मांगे तो बदमाशों ने बैग से दो लाख रुपए उसे दे दिए। पीडि़त ने सोचा कि पूरे रुपए आ गए और वह अपनी दुकान पर आ गया। वहां बैग से रुपए निकाले तो डेढ़ लाख रुपए कम मिले। पुलिस सीसीटीवी कैमरों के जरिए फुटेज खंगालने का प्रयास कर रही है।

 

ऑनलाइन सौदा: ट्रायल के बहाने ले गया कार
ऑनलाइन साइट के माध्यम से कार का सौदा करना एक युवक के लिए महंगा पड़ गया। युवक ने बेचने के लिए साइट पर कार की फोटो डाली। जिसे देखकर एक व्यक्ति सौदा करने आया और ट्रायल लेने के बहाने कार ही ले गया। मामला वैशाली नगर थाना इलाके का है। पुलिस ने बताया कि रावलजी का बंधा खातीपुरा रोड निवासी कैलाश कुमार सांखला ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसने अपनी कार को बेचने के लिए ओएलएक्स पर फोटो और डिटेल डाल रखी थी। शनिवार शाम 6 बजे फोन कर एक युवक ने कार देखने की इच्छा जताई। वह पीडि़त के घर आया और ट्रायल लेने को कहा। पीडि़त ने भतीजे तुषार को युवक के साथ कार में भेज दिया। केवी 4 स्कूल के पास कार खराब होने का नाटक कर, उसके भतीजे को नीचे उतार दिया और खुद कार लेकर भाग गया।

Mridula Sharma Reporting
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