कॉल सेंटर की आड़ में गंदा खेल, पुलिस ने दी दबिश तो युवतियों सहित मिली ये चौंकाने वाली चीजें, विदेशों तक फैला जाल

सेंटर संचालक अहमदाबाद गुजरात निवासी हार्दिक पटेल, राहुल बादल, भोपा भाई, विकेश राणा और जयपुर निवासी गौरव जांगिड़ है...

By: dinesh

Updated: 29 Mar 2019, 12:16 PM IST

जयपुर।

जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले कुख्यात गिरोह का पर्दाफाश किया है। महेश नगर, श्याम नगर, सोडाला और अशोक नगर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गिरोह के 34 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने अपना जाल अमरीका, चीन और हांगकांग सहित कर्ई देशों के अलावा राजस्थान, गुजरात, मेघालय, त्रिपुरा में भी फैला रखा था। एडिशनल डीसीपी अवनीश ने बताया, पुलिस मुख्यालय से सूचना पर गुर्जर की थड़ी मेट्रो पिलर 67 के सामने स्थित कॉल सेंटर, श्यामनगर मंगलम गेस्ट हाउस, स्वेज फार्म दीप नगर और न्यू सांगानेर रोड के सामने चल रहे कॉल सेंटरों पर निगरानी रखी। कॉल सेंटर विदेशों के समय के आधार पर चलते थे। टीम ने बुधवार रात 4 सेंटरों पर एक साथ दबिश दी। गिरोह में दो युवतियां भी शामिल हैं। बड़ी संख्या में कम्प्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, राउटर, मोडम, विशेष उपकरण मैजिक जेक एवं नेटवर्किंग उपकरण सहित अमरीका बैंक टॉम मॉरेजना के फर्जी चेक, बिटकॉइन के दस्तावेज बरामद किए हैं।

 

इस तरह करते ठगी
अमरीकी वेंडर से डाटा एक डॉलर, .95 डॉलर आदि दामों में डाटा ऑनलाइन खरीदते थे। जिसमें लोगों के नाम, मोबाइल नं. आदि जानकारी होती थी। ठग लोगों को ई-मेल करते थे, जिसमें लिखा होता था कि यदि लोन चाहिए है तो इस नंबर पर फोन करें। जरूरत-मंद दिए गए नंबर पर फोन करता था, जिससे कॉल सेंटर में बैठे ठग बैंक की डिटेल ले लेते थे। ठग पीडि़त को अकाउंट में क्रेडिट स्कोर कम होने की बात कह क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का झांसा देते थे व उनके अकाउंट में फर्जी चैक भेज देेते हैं। चैक की फोटो खींच उनके अकाउंट में अपलोड कर देते थे। ऐसे उनके खाते में रुपए जमा होने की एंट्री हो जाती थी। ठग पीडि़त को कहते थे कि अब आप रुपए निकालकर हमें हमारा पैसा वापस दे दें। उसके लिए वेस्टर्न यूनियन, आई ट्यून, गिफ्ट कार्ड, मनीग्राम वॉलमार्ट कार्ड खरीद रुपए दे सकते हैं। खरीदे गए कार्ड को स्क्रेच करवाउनका कोड नंबर पूछ लेते थे। कार्ड के कोड से पीडि़त को लिंक भेज देते थे। लिंक से ठग हवाले और बिटकॉइन के जरिए रुपए वापस ले लेते थे। इस दौरान बैंक से पता चलता था कि चेक फर्जी हैं, तो ट्रांजेक्शन अपने आप ही निरस्त हो जाता था। पीडि़तों को ठगी का अंदाजा नहीं होता था।

 

4 माह से कर रहे थे ठगी
जयपुर में चार महीने से कॉल सेेंटर चल रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने हर माह प्रत्येक कॉल सेंटर से विदेशियों को फंसाकर करीब 60 लाख रुपए ठगना स्वीकार किया है। आरोपी चार महीने में करीब 2.50 करोड़ रुपए की ठगी कर चुके हैं।

 

चार मुकदमे दर्ज, ये गिरफ्तार
सेंटर संचालक अहमदाबाद गुजरात निवासी हार्दिक पटेल, राहुल बादल, भोपा भाई, विकेश राणा और जयपुर निवासी गौरव जांगिड़ है। इनके खिलाफ महेश नगर व श्यामनगर थाने में दो-दो मुकदमे दर्ज किए हैं। कॉल सेंटर संचालक यहां काम करने वाले कार्मिकों को 12 से 15 हजार रु. मासिक वेतन देते थे। इनमें कुछ 12वीं पास थे व कुछ सॉफ्टवेयर इंजीनियर। इन कार्मिकों को विदेशियों से बात करने के लिए पहले ट्रेनिंग और स्क्रिप्ट दी गई थी। पुलिस ने मंगलम गेस्ट हाउस कॉल सेंटर से रवि यादव, मितेश बारोट, किशोर भदौरिया, अभिषेक यादव, पूरन सिंह बधेल, रोहित सिंह, अनातो, अमूधा व शिवम पटेल को पकड़ा। गुर्जर की थड़ी, कॉल सेंटर से अहमदाबाद के भूपेन्द्र कुशवाह व कन्द्रफ, मेघालय निवासी नेथन, संडेलिन संगम, सत्यजीत राय व युवती रीलूम, त्रिपुरा निवासी क्रितन सिन्हा व दार्जिलिंग के प्रोनेश छेत्री को गिरफ्तार किया। दीप नगर कॉल सेंटर से अरविंद कुमार, अभिलाश नायर, पुनीत शाह, हर्ष जितेन्द्र, श्वेतांग पांडे व दीपक शर्मा, नागालैंड के इमलीटेमसू व अपोगंटी, महेश नगर निवासी जुगल शर्मा व लजीज होटल के सामने कॉल सेंटर से दीपक सिंह, प्रीतम सिंह, जय सोनी व निखिल सिंह को गिरफ्तार किया है।

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