कोरोना के फेर में फंस गई राजनीतिक नियुक्तियां

पहले कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और अब कोरोना वायरस। लगातार आ रही इन परेशानियों के चलते कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं को सरकार में भागीदारी का मौका नहीं मिल पा रहा है। सवा साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी कार्यकर्ताओं को अब भी राजनीतिक नियुक्ति का इंतजार है।

जयपुर।

पहले कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और अब कोरोना वायरस। लगातार आ रही इन परेशानियों के चलते कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं को सरकार में भागीदारी का मौका नहीं मिल पा रहा है। सवा साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी कार्यकर्ताओं को अब भी राजनीतिक नियुक्ति का इंतजार है।

सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों के लिए 31 मार्च तक का समय तय किया था। इसे लेकर जिला और ब्लॉक स्तर पर मशक्कत भी चल रही थी, मगर कोरोना वायरस के फैलाव के चलते फिलहाल नियुक्तियों पर ब्रेक लग गया है। राज्य सरकार और कांग्रेस संगठन फिलहाल कोरोना को रोकने के उपायों में लगे हुए हैं। ऐसे में आने वाली 15 अप्रेल तक इस तरह के काम से संगठन ने दूरी बना ली है। पार्टी को लगभग 50 हजार राजनीतिक नियुक्तियां करनी हैं। सरकार ने कुछ आयोग और बोर्ड में नियुक्तियां भी की है, लेकिन आवासन मंडल बोर्ड चेयरमैन, महिला आयोग सरीखे बड़े आयोगों में अब भी नियुक्ति का इंतजार है।

निकाय चुनाव भी हो चुके हैं स्थगित

प्रदेश में अप्रेल में नगर निगम व निकायों में चुनाव होने थे, लेकिन कोरोना की वजह से चुनाव आगे खिसक गए। पार्टी चाहती थी कि इन चुनाव से पहले राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाए, ताकि कार्यकर्ता उत्साह के साथ चुनाव प्रचार में जुटें और पार्टी को ज्यादा से ज्यादा निगम और निकायों में जीत मिले। मगर अब न चुनाव हो पा रहे हैं और ना ही राजनीतिक नियुक्तियां होंगी।

पहले खींचतान में अटक गई थी नियुक्तियां

इससे पहले सत्ता और संगठन में चल रही खींचतान की वजह से राजनीतिक नियुक्तियां अटक गई थी। दोनों समन्वय नहीं बन पा रहा था, जिसकी वजह से नाम फाइनल नहीं हो पाए। इसके बाद आलाकमान ने समन्वय समिति का गठन किया, लेकिन इस समिति की एक ही बैठक हुई, वह भी औपचारिक साबित हुई।

Umesh Sharma Reporting
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