निशाने पर गहलोत सरकार के मंत्री, BJP नेता बोले- 'मंत्री ही नहीं मान रहे गाइडलाइंस, तो जनता से क्या करें उम्मीद?'

कोरोना के दूसरी लहार के बीच सियासी बयानबाज़ी का सिलसिला जारी, अब भाजपा नेताओं के निशाने पर गहलोत सरकार के मंत्री, भाजपा का आरोप, मंत्री ही नहीं मान रहे कोविड गाइडलाइंस, तो जनता से क्या करें उम्मीद? पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने परिवहन मंत्री के कृत्य पर उठाये सवाल, सवाल, 'क्या कोरोना काल में ज़रूरी है सार्वजनिक कार्यक्रम?'

 

By: nakul

Published: 20 Apr 2021, 02:25 PM IST

जयपुर।

कोरोना की दूसरी लहर के बीच सियासी बयानबाज़ियों का सिलसिला भी जारी है। खासतौर से कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी क्रम में अब भाजपा ने कोविड काल के बावजूद राज्य के मंत्रियों के बेपरवाह अंदाज़ को कटघरे में रखना शुरू कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गहलोत सरकार के मंत्रियों के ही कोविड प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करने पर नाराज़गी जताते हुए उन्हें निशाने पर लिया है।

'कोरोना काल में भी श्रेय लेने में जुटे मंत्री'
पूर्व मंत्री व् प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी ने परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के एक कार्यक्रम में शरीक होने के दौरान कोविड गाइडलाइंस का पालन नहीं करने को लेकर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री कोरोना काल में भी विकास कार्यों का श्रेय लेने में लगे हुए हैं।

चतुर्वेदी ने कहा कि परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, नगर निगम हेरिटेज महापौर मुनेश गुर्जर और कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने सुभाष नगर इलाके में जिस तरह से विकास कार्यों का शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया वो कोरोना की गाइडलाइन की धज्जियां उडाये जाने का ताजा उदाहरण है।

'बिना शिलान्यास के ही दी जाए जनता को राहत'
पूर्व मंत्री चतुर्वेदी ने कहा कि अगर जनता के लिए विकास कार्य करवाने ही हैं तो कम से कम मौजूदा महामारी के समय उसका श्रेय लेने की होड़ नहीं होना चाहिए, बिना शिलान्यास के ही काम शुरू करवा कर भी जनता को राहत दी जा सकती है, लेकिन गहलोत सरकार के मंत्री काम कम और श्रेय लेने की कोशिश अधिक करते हैं। चतुर्वेदी ने इस पूरे घटनाक्रम की निंदा की और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अपने मंत्रियों को सख्त निर्देश देने की मांग भी की जिससे आमजन के जीवन को खतरे में ना डाला जा सके।

चतुर्वेदी ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री जहां प्रधानमंत्री को रैली और सभाएं रद्द करने की अपील करते हैं तो वहीं राहुल गांधी पश्चिम बंगाल में अपनी चुनावी रैलियां रद्द करते हैं, लेकिन राजस्थान में कांग्रेस सरकार के मंत्री ही उनके मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना नहीं करते।

ये था मामला
सोमवार को शहर के वार्ड नंबर 33 के सुभाष कॉलोनी में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और महापौर मुनेश गुर्जर और स्थानीय पार्षद मनोज मुद्गल की मौजूदगी में सड़क डामरीकरण और पार्कों के कार्यों का शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। इस दौरान कांग्रेस के कई पार्षद और कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोगों को भी आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की तो अवहेलना हुई ही साथ ही जो कोरोना से जुड़ी गाइडलाइन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 3 मई तक के लिए प्रदेश में जारी की थी, उनकी भी अवहेलना हुई।

ऐसे में चर्चा इस बात की रही कि जब सरकार के मंत्री और जनप्रतिनिधि ही अपनी ही सरकार के बनाए नियमों की सार्वजनिक रूप से धज्जियां उड़ाएंगे तो फिर आम इंसान से इस पर अमल की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

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