प्रदूषण का कहर, शहर पी रहा जहर

प्रदूषण का कहर, शहर पी रहा जहर

Priyanka Yadav | Publish: May, 18 2018 12:03:06 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

वाहनों के प्रदूषण मुक्ति की ऑनलाइन योजना भी हांफी

जयपुर . वाहनों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार की नई ऑनलाइन योजना का भी दम फूल गया है। जिले में लगभग 18 लाख छोटे-बड़े वाहन हैं, लेकिन इनमें से 10 लाख ही यह प्रमाण पत्र ले सके हैं। वाहन चालकों को प्रमाण पत्र लेने का नौ माह का समय दिया गया था, जिसमें सिर्फ एक माह ही शेष बचा है। इसी एक महीने में बाकी 8 लाख वाहन चालकों को प्रमाण पत्र हासिल करने होंगे। सबसे पहले योजना जयपुर जिले में शुरू की गई, लेकिन जिले में जांच के लिए महज 300 ही प्रदूषण जांच केन्द्र हैं। इनमें 50 पेट्रोल पंप भी शामिल हैं।

 

घातक बनी है शहर की हवा

शहर का प्रदूषण स्तर गर्मी में भी लगातार खतरनाक बना हुआ है। सी स्कीम में एयर क्वालिटी इंडेक्स 223 रहा। प्रदूषण का मुख्य कारक पीएम- 2.5 था। जबकि सेठी कॉलोनी और शास्त्रीनगर में पीएम- 10 के चलते हवा प्रदूषित रही।

 

बस, अब अंतिम एक माह

सरकार ने योजना पिछले वर्ष अक्टूबर में शुरू की थी। इसके बाद वाहन नंबरों के मुताबिक चालकों को प्रमाण पत्र लेने के लिए अलग-अलग माह तय कर दिए थे। निर्धारित अवधि के बाद जुर्माने का प्रावधान किया गया था। इसमें हर सीरीज में 1-2000 तक के नम्बरों वाले वाहनों के लिए 15 फरवरी, 2001- 5000 तक के लिए 15 अप्रेल और 5000- 9999 तक के वाहनों के लिए 15 जून तक की सीमा थी।

 

प्रदूषण धूम्रपान जैसा खतरनाक

शहर के वरिष्ठ अस्थमा-एलर्जी विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह के अनुसार वाहन प्रदूषण में घातक 2.5 पीएम पार्टिकल्स, कार्बन मोनो ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइ ऑक्साइड एवं अन्य घातक गैस निकलती हैं। इन प्रदूषकों के निरन्तर सम्पर्क में रहने से ये सामान्य व्यक्ति में भी सीओपीडी जैसी फेंफड़ों की गंभीर बीमारी एवं आंख व नाक की एलर्जी पैदा कर सकती है। ये बीमारियां धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों को होती हैं।

 

जनता पर जुर्माना
सरकार जनता पर जुर्माने की तलवार चला रही है। वैध प्रमाण पत्र नहीं लेने पर वाहन चालकों से 200 से एक हजार रुपए तक का जुर्माना लिया जा रहा है।

शैलेन्द्र कुमार अग्रवाल, परिवहन आयुक्त जनता अगर प्रमाण पत्र लेने के लिए जागरूक हो तो जांच केन्द्र पर्याप्त हैं। पेट्रोल पम्पों और वाहन डीलरों के यहां भी जांच केन्द्र अनिवार्य कर रहे हैं। इससे संख्या और बढ़ जाएगी।

 

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