भरतपुर में इतने एसएचओ थे प्रमोद शर्मा के संपर्क में, रुपयों का लेनदेन भी हुआ!

Pramod sharma acb case latest update...एडीजी भी सोमवार रात जयपुर लौटे और वे आज प्रमोद शर्मा से पूछताछ कर सकते हैं वे सबूत दिखाकर जो उन्होनें भरतपुर दौरे से जमा किए गए हैं। गौरतलब है कि भरतपुर में उन्होनें रुपए देने वाले एसएचओ चंद्र प्रकाश समेत अन्य पुलिसकर्मी से बातचीत कर सबूत जमा किए हैं। फिलहाल जांच को भरतपुर जिले मे ही केंद्रित किया गया है।

By: JAYANT SHARMA

Published: 30 Jun 2020, 11:13 AM IST


जयपुर
एपीओ कर दिए गए डीआईजी लक्ष्मण गौड के नाम से पांच लाख रुपए की रिश्वत लेने वाले प्रमोद शर्मा से एसीबी अफसर पूछताछ में लग गए हैं। मुख्यालय पर उससे आज से पूछताछ शुरू कर दी गई है। अफसरों को उम्मीद है कि पूरे खेल में जो भी पुलिसकर्मी और पुलिस अफसर शामिल थे अब वे जल्द ही बेनकाब हो जाएंगे। इस बीच भरतपुर दौरे पर गए एसीबी के एडीजी भी सोमवार रात जयपुर लौटे और वे आज प्रमोद शर्मा से पूछताछ कर सकते हैं वे सबूत दिखाकर जो उन्होनें भरतपुर दौरे से जमा किए गए हैं। गौरतलब है कि भरतपुर में उन्होनें रुपए देने वाले एसएचओ चंद्र प्रकाश समेत अन्य पुलिसकर्मी से बातचीत कर सबूत जमा किए हैं। फिलहाल जांच को भरतपुर जिले मे ही केंद्रित किया गया है।


12 एसएचओ से बातचीत की है प्रमोद शर्मा ने भरतपुर में
एसीबी की जांच में सामने आया है कि प्रमोद ने भरतपुर जिले के ही करीब बारह एसएचओ से बातचीत की हैं। अधिकतर को डीआईजी के बंगले से फोन किया गया और उसके बाद प्रमोद के नंबर से वाट्सएप कॉल की गई। इनमें से अधिकतर एसएचओ से एसीबी अफसरों ने बातचीत भी की है और सामने आया है कि प्रमोद उनसे डीआईजी गौड के नाम पर रुपए मांगता था। रुपए लेने का आधार यही था कि वे हाइवे पर चलने वाले बजरी, रेता, पशु तस्करी से उगाही के खेल में लगे रहें डीआईजी उनको परेशान नहीं करेंगे। बस इसके लिए संरक्षण शुल्क देय होगा जो लाखों में बताया गया था। जयपुर से भरतपुर गए एडीजी दिनेश एमएन ने भरतपुर में एसपी हैदर अली समेत कई एसएचओ से बातचीत की है।


अभी तक गौड़ और उनके परिवार से पूछताछ की अनुमति नहीं
केस से जुड़े एसीबी अफसरों ने बताया कि डीआईजी गौड़ को एपीओ करने के तीन दिन बाद भी उनसे पूछताछ की अनुमति नहीं मिली है। न तो उनसे पूछताछ हो सकी है और न ही उनके बेटे से ही इस बारे में कोई जानकारी जुटाई जा सकी हैं। चूंकि मामला पुलिस विभाग में ही वसूली और उगाही का है तो एसीबी के अफसर इस बारे में ज्यादा जानकारी लीक करने से भी बच रहे हैं। केस से जुड़े अफसरों का कहना है कि प्रमोद से बातचीत करने और उसके झूठ को पर्दाफाश करने के लिए हमारे पास बहुत सबूत हैं। पांच दिन में उससे पूछताछ होगी जो कई राज खोलेगी। अफसरों का कहना है कि जांच के बाद कई कार्मिकों पर गाज गिरना तय है।

सीमा विवाद के बाद लाइर हाजिर किए गए थे एसएचओ, वापस लगाने की बात चल रही थी
प्रमोद से पूछताछ में सामने आया कि एसएचओ चंद्र प्रकाश को उत्तर प्रदेश पुलिस से हुए सीमा विवाद के बाद एसपी भरतपुर ने एपीओ कर दिया था। चंद्र प्रकाश से प्रमोद की पहले सही बातचीत चल रही थी। इस बीच चंद्र प्रकाश को लाइन हाजिर कर दिया गया तो प्रमोद ने जल्द से जल्द थाना वापस दिलाने की बात कही। कई बार कॉल किए तो एसएचओ चंद्र प्रकाश ने भी बातचीत में रुचि दिखाई। लेकिन जब पचास लाख रुपए की मांग हुई तो एसएचओ पीछे हट गए। बाद में दस लाख का सौदा हुआ और पांच लाख लेते हुए प्रमोद शर्मा रंगे हाथों धरा गया। उधर एसएचओ चंद्र प्रकााश् फिलहाल हाजिर लाइन ही चल रहे हैं। उनके खिलाफ चल रही एसीबी जांच भी जल्द ही पूरी होने वाली है।

JAYANT SHARMA Desk
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