सरकारी भूमि पर कब्जा तो भी पट्टा देगी सरकार, आरक्षित दर के बराबर लिया जाएगा पैसा

प्रशासन शहरों के संग अभियान में सरकार बड़ा फैसला करने जा रही है। अगर अपने भूखंड से लगी सरकारी भूमि पर किसी भूखंडधारी ने निर्माण कर रखा है तो सरकार उस क्षेत्र की आरक्षित दर या डीएलसी रेट के बराबर पैसा लेकर उसे पट्टा देगी। अभी तक खांचा भूमि मामले में ही इस तरह का प्रावधान था, जिसमें आरक्षित दर या डीएलसी रेट का दुगुना पैसा लेकर पट्टा दिया जा रहा था।

By: Umesh Sharma

Updated: 13 Sep 2021, 09:08 PM IST

जयपुर।

प्रशासन शहरों के संग अभियान में सरकार बड़ा फैसला करने जा रही है। अगर अपने भूखंड से लगी सरकारी भूमि पर किसी भूखंडधारी ने निर्माण कर रखा है तो सरकार उस क्षेत्र की आरक्षित दर या डीएलसी रेट के बराबर पैसा लेकर उसे पट्टा देगी। अभी तक खांचा भूमि मामले में ही इस तरह का प्रावधान था, जिसमें आरक्षित दर या डीएलसी रेट का दुगुना पैसा लेकर पट्टा दिया जा रहा था। जल्द ही दरों को कम करने को लेकर कैबिनेट मेमो तैयार करके मंजूरी ली जाएगी।

बताया जा रहा है कि जयपुर शहर की चारदीवारी सहित प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पुराने क्षेत्रों में इस तरह के हजारों मामले हैं, जिनका पट्टा सरकारी भूमि पर कब्जे की वजह से अटका हुआ है। जयपुर के परकोटा में इस तरह के सैंकड़ों मामले हैं। जहां कई भूखंडधारियों के पट्टे इस कब्जे की वजह से ही अटके हुए हैं। इसमें कई लोगों ने दो मकानों के बीच सरकारी नाले पर दो—तीन फुट तक तक कब्जा कर रखा है। इसी तरह चारदीवारी के बाहरी क्षेत्र में स्ट्रीप आॅफ लैंड (खांचा भूमि) पर लोगों ने निर्माण कर लिया है।

मंत्री शांति धारीवाल भी हैं राजी

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में पिछले दिनों ही अभियान को लेकर हुई वर्कशॉप और बैठकों में इस तरह के मामले सामने आए थे। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के 5—7 फुट के कब्जों में भूखंडधारी से सामान्य दर से राशि लेकर उसे पट्टा दिया जाए। जिसके बाद यूडीएच और डीएलबी ने आरक्षित दर या डीएलसी रेट के आधार पर पैसे लेने का प्रस्ताव तैयार किया है।

छूट को लेकर बन रहे हैं प्रस्ताव

अभियान से पहले ही सभी प्रकार की छूट को लेकर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इनमें कुछ प्रस्ताव कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, वहीं कुछ प्रस्तावों को यूडीएच और डीएलबी के स्तर पर ही छूट दी जाएगी। कुछ मामलों में यूडीएच और डीएलबी छूट दे चुका है।

Umesh Sharma Reporting
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