राजस्थान: Vasundhara Raje को लेकर के बोले Pratap Singh Singhvi, 'बिना पुष्टि ना फैलाएं अफवाह'

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पुत्रवधू हुईं अस्पताल से डिस्चार्ज, लगभग 20 दिनों से दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थीं निहारिका, तो अब प्रदेश संगठन की आगामी बैठकों में मौजूद रहेंगी राजे! पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने दिया अटकलों को विराम, लोगों को बिना पुष्टि के अफवाह फैलाने से बचने की दी नसीहत

 

By: nakul

Published: 22 Feb 2021, 01:37 PM IST

जयपुर।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पुत्रवधू व सांसद दुष्यंत सिंह की पत्नी निहारिका को आखिरकार अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। निहारिका पिछले करीब 20 दिन से स्वास्थ्य कारणों के चलते दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं। बताया जा रहा है कि पुत्रवधू के स्वास्थ्य होने के बाद अब वसुंधरा राजे भी जयपुर लौटेंगी और प्रदेश संगठन से जुड़ी आगामी बैठकों में मौजूद रहेंगी।

 

गौरतलब है कि निहारिका की अस्वस्थता का कारण बताकर ही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बीते दिनों प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की पहली और महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं थीं। साथ ही विधानसभा सत्र के दौरान ना तो वे भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुईं और ना ही सदन में ही अब तक उनकी उपस्थिति देखी गई।

 

अटकलों को विराम देने आगे आए ‘सिपहसालार’
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी नेताओं में शामिल पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने राजे को लेकर लगाए जा रहे कयास पर चिंता जताई। सिंघवी ने एक ट्वीट बयान जारी कर कहा, ‘मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि बजट सत्र के दौरान विधानसभा में वसुंधरा राजे की अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले एक माह से निहारिका (उनकी पुत्रवधु) अस्वस्थ हैं तथा अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके कारण मैडम विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवा पा रही हैं।‘

 

‘बगैर पुष्टि के अफवाह ना फैलाएं लोग’
सिंघवी ने एक अन्य ट्वीट प्रतिक्रिया में कहा, ‘हालांकि अब निहारिका की तबीयत में काफी सुधार है तथा उनके सोमवार तक डिस्चार्ज होने की उम्मीद भी है। इसके बाद वसुंधरा जी विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेंगी।‘ पूर्व मंत्री ने भविष्य में बगैर किसी पुष्टि के अफवाह फैलाने से बचने की भी लोगों को सलाह दी।

चर्चा में रही राजे की अनुपस्थिति
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रदेश संगठन की गतिविधियों से लगातार दूरी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। खास तौर से सोशल मीडिया पर भी राजे प्रदेश संगठन से जुड़ी बैठकों में अनुपथिति और दिल्ली की बैठकों और नेताओं से जारी मुलाकातों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।

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