सरकारी कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी


कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने दिए निर्देश
कॉलेजों में नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश

By: Rakhi Hajela

Published: 09 Jun 2021, 09:12 PM IST



जयपुर, 9 जुलाई
कोविड संक्रमण के कम होते खतरे के साथ ही अब राज्य के सरकारी कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने नए सत्र में एडमिशन प्रक्रिया को लेकर कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए हैं जिसके मुताबिक सभी कॉलेजों को अपने यहां कार्यरत दो फैकल्टी मेंबर्स को नोडल अधिकारी बनाना होगा, जिन्हें ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही सूचना प्रोद्यौगिकी की जानकारी हो। यह नोडल अधिकारी प्रवेश प्रक्रिया के लिए आयुक्तालय से समन्वय रखेंगे।
यह जिम्मेदारी करनी होगी पूरी
जानकारी के मुताबिक इन नोडल अधिकारियों का दायित्व होगा कि वह ऑनलाइन एडमिशन का प्रोसेस शुरू होने से पहले ही आयुक्तालय की वेबसाइट पर कॉलेज के वेबपेजेज को अपडेट करें। जिसमें एडमिशन से संबंधित प्रोस्पेक्ट्स, फीस का स्ट्रक्चर, ऐच्छिक विषय, सब्जेक्ट्स कॉम्बीनेशन, उपलब्ध सीटों की संख्या, हेल्प डेस्क, प्रवेश प्रभारी आदि की जानकारी दी गई हो। इसके साथ ही प्राचार्य, स्नातक और स्नातकोत्तर के सभी संकायों के संयोजकों और सहसंयोजकों के नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर, एसएसओ आईडी की जानकारी 12 जून तक आयुक्तालय भेजनी होगी। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने पर उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर कॉलेज के सभी वेबपेज को अपडेट करना होगा।
इन्हें कॉलेज के यूजी और पीजी के सभी फैकल्टी संयोजक और सह संयोजकों के नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और एसएसओ आईडी और कॉलेज के फोन नंबर आदि की जानकारी आयुक्तालय को देनी होगी। ऑनलाइन एडमिशन प्रोसेस के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी, कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्केलर आदि की व्यवस्था करने का दायित्व भी इन नोडल अधिकारियों पर ही होगा जिससे एडमिशन प्रोसेस के दौरान कोई समस्या नहीं आए।
दी जाएगी ट्रेनिंग
गौरतलब है कि आयुक्तालय इन अधिकारियों को समय समय पर एडमिशन प्रोसेस से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध करवाएगा साथ ही उन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे वह अपना दायित्व सुचारू रूप से निभा सकें।
मांगी शिक्षकों और प्राचार्य की परफॉर्मेस रिपोर्ट
इतना ही नहीं आयुक्तालय ने जन अनुशासन कफ्र्यू के दौरान सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों और प्राचार्यो की ओर से खुद के और विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक उन्नयन के लिए किए गए कार्यों की रिपोर्ट भी मांगी है। उन्हें आयुक्तालय को इस बात की जानकार भी देनी होगी कि उन्होंने पिछले दो माह अप्रेल और मई में खुद शिक्षकों ने व्यक्तिगत रूप से खुद के विकास के लिए क्या किया इसकी जानकारी कॉलेज आयुक्तालय को दी जाए। यदि शिक्षकों और कॉलेज प्राचार्य ने इस दौरान किसी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध पत्र का प्रकाशन करवाया हो, कॉन्फ्रेंस या सेमिनार में पार्टिसिपेट किया हो, विभाग की ओर से स्टूडेंट्स के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में व्याख्यान आदि देने की जानकारी वह आयुक्तालय को दें।

Rakhi Hajela Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned