नाराजगी की खबरों के बीच 11 जून को पायलट कैंप के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

-11 जून को पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पुण्यतिथि के मौके पर दौसा के भड़ाना में पुण्यतिथि कार्यक्रम, पुण्यतिथि कार्यक्रम में कौन-कौन होगा शामिल इस पर रहेगी सभी की निगाहें

By: firoz shaifi

Published: 09 Jun 2021, 09:20 AM IST

जयपुर। प्रदेश में एक बार फिर से सचिन पायलट कैंप की नाराजगी की खबरें लगातार सामने आने लगी है। 10 माह बाद भी कांग्रेस आलाकमान की ओर से गठित कमेटी के द्वारा सचिन पायलट कैंप के विधायकों की मांगों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से सचिन पायलट खेमा नाराज है।

सूत्रों की माने तो नाराजगी के बीच ही 11 जून को पायलट कैंप शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है। 11 जून को पूर्व केंद्रीय मंत्री और सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि है, जहां दौसा के भड़ाना में राजेश पायलट की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम होना है। एक ओर जहां 11 जून को ही प्रदेश कांग्रेस की ओर से पेट्रोल-डीजल की बढ़ी दरों के विरोध में प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा तो वहीं इसी दिन सचिन पायलट कैंप की ओर से राजेश पायलट की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।


पुण्यतिथि कार्यक्रम पर है सभी की निगाहें
सूत्रों की माने तो दौसा के भड़ाना में होने वाले पुण्यतिथि कार्यक्रम में सचिन पायलट कैंप से जुड़े 19 विधायक तो शामिल होंगे। साथ ही इसके अलावा और कितने अन्य विधायक शामिल होंगे इस पर भी सभी की निगाहें रहेगी। साथ ही विधायकों के अतिरिक्त और कौन-कौनसे नेता पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे इन पर भी नजरें रहेंगी।

पायलट कैंप के विधायकों की नाराजगी अब आने लगी है सामने
वहीं दूसरी ओर बीते 6 माह में कई ऐसे मौके आए हैं जब सचिन पायलट कैंप के विधायकों ने कई बार अपनी सरकार और मंत्रियों को निशाने पर लिया है। विधानसभा के बजट सत्र में कई विधायकों की सीट पर माइक नहीं होने के मामले को लेकर विधायक रमेश मीणा ने सदन में ही सवाल खड़े कर दिए थे। उन्होंने कहा था कि सदन में एससी-एसटी और माइनॉरिटी के विधायकों के साथ भेदभाव किया जाता है।

विधायक मुरारी मीणा और वेद प्रकाश सोलंकी ने भी रमेश मीणा के सुर में सुर मिलाया था। पायलट कैंप के विधायक सोलंकी ने विधानसभा के बाहर भी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा था कि एससी-एसटी और माइनॉरिटी के वोटों पर सरकार बनी है लेकिन सरकार में इन्हीं वर्गों की सुनवाई नहीं हो रही।

हेमाराम चौधरी भी दे चुके हैं इस्तीफा
वहीं अपने क्षेत्र में कामकाज नहीं होने से नाराज होकर सचिन पायलट कैंप के ही विधायक हेमाराम चौधरी भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। हाल ही में विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने एससी एसटी और माइनॉरिटी के मंत्रियों को कमेटियों में कम महत्व देने और सुभाष गर्ग को ज्यादा कमेटियों में महत्व देने को लेकर भी सवाल खड़े कर चुके हैं, साथ ही मांग भी कर चुके हैं कि जल्द से जल्द अब सत्ता का विकेंद्रीकरण होना चाहिए।


गौरतलब है कि बीते साल सियासी संकट के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सचिन पायलट कैंप और गहलोत कैंप के बीच सुलह कराते हुए सचिन पायलट कैंप की मांगों पर सुनवाई करने के लिए तीन सदस्य कमेटी का गठन किया था। हालांकि कमेटी के एक सदस्य अहमद पटेल के निधन के चलते कमेटी का कामकाज आगे नहीं बढ़ पाया, जिसके बाद अब नाराजगी अंदर खाने बढ़ती जा रही है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी कई बार कह चुके हैं कि अब देरी का कोई कारण नहीं बचा है। सत्ता और संगठन को मिलकर उनकी मांगों पर शीघ्र विचार करना चाहिए।

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