Diesal Price Hike: डीजल महंगा होने से बढ़ेंगे जरूरी चीजों के दाम

क्या आपको पता है कि ट्रकों से माल-ढुलाई ( freight from trucks ) में डीजल ( diesel ) की कीमतों का हिस्सा लगभग 65 फीसदी होता है। अगर डीजल के दामों ( diesel increases ) में बढ़ोतरी होती है तो इसका ( transpoters ) असर दैनिक उपयोग ( daily use ) की चीजों दूध, सब्जी, फल या दवाइयों के दाम बढऩे के रूप में सामने आना तय है।

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 26 Jun 2020, 02:30 PM IST

जयपुर। क्या आपको पता है कि ट्रकों से माल-ढुलाई में डीजल की कीमतों का हिस्सा लगभग 65 फीसदी होता है। अगर डीजल के दामों में बढ़ोतरी होती है तो इसका असर दैनिक उपयोग की चीजों दूध, सब्जी, फल या दवाइयों के दाम बढऩे के रूप में सामने आना तय है। शुक्रवार को लगातार 20वें दिन डीजल जहां 17 पैसे महंगा हुआ। पिछले 20 दिनों में डीजल की कीमत में 10.66 रुपए की बढ़ोतरी हुई है और इसके भाव 80 का आंकड़ा पार करके 80.99 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गए। डीजल कीमतों में हुई रिकॉर्ड वृद्धि के कारण ट्रकों और अन्य व्यवसायिक वाहनों से होने वाली माल ढुलाई की लागत में 15 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हो गई है।
इसके कारण खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में बढ़ोतरी हो सकती है। डीजल कीमतों में वृद्धि का असर कृषि फसलों की उत्पादन लागत में भी पड़ेगा, जिसके कारण कृषि उत्पादों के मूल्य भी बढ़ सकते हैं। कारोबारियों ने सरकार से डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस लेकर लोगों को राहत देने की अपील की है। अप्रेल माह में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 2.55 फीसदी थी, जो मांग में लगातार कमी के कारण मई माह में गिरकर 1.13 फीसदी पर आ गई थी। लेकिन डीजल की कीमतों में पिछले 19 दिनों के बीच 10.63 रुपए की वृद्धि हुई है और पेट्रोल की कीमतों में 8.66 रुपए प्रति लीटर का उछाल आया है।
माल ढुलाई में 20 फीसदी तक का इजाफा
ट्रांसपोर्टर्स के मुताबिक ट्रक वाहनों से होने वाले सामानों की ढुलाई में ट्रक मालिकों की सबसे ज्यादा कीमत डीजल की कीमतों के रूप में आती है। बाकी में ड्राइवर, क्लीनर और अन्य कीमतें आती हैं। डीजल की कीमतें बढऩे से माल ढुलाई में 15 से 20 फीसदी तक का इजाफा हो गया है, जिसकी कीमत अंतत:सामान की बड़ी कीमतों के रूप में आम आदमी को चुकानी पड़ सकती है। इस समय नौकरियों पर संकट बना हुआ है, लोगों की आय में भारी कमी हुई है और बीमारियों पर खर्च बड़ा है। ऐसे में सरकार को लोगों के दैनिक जीवन का खर्च कम करने के उपाय करने चाहिए। लेकिन जिस तरह डीजल की कीमतों को बाजार के सहारे छोडऩे के नाम पर सरकार और तेल कंपनियां उससे लाभ कमा रही है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

Narendra Kumar Solanki Desk
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