जेल के कैदियों का भी होगा स्किल डवलपमेंट


पुरानी योजनाओं को दिया जाएगा नया कलेवर
कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा

कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग राज्य मंत्री अशोक चांदना ने दिए निर्देश

By: Rakhi Hajela

Updated: 11 Aug 2020, 12:12 PM IST


आरएसएलडीसी स्किल डवलपमेंट से जुड़ी हुई अपनी योजनाओं में युवाओं के साथ विधवा महिलाएं, मजदूर वर्ग, जेल कैदी आदि को भी शामल करेगा, जिससे वह अपना जीवन यापन कर सकें। कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग राज्य मंत्री अशोक चांदना ने विभाग की कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए।

तीन भागों में विभाजित होंगी योजनाएं

आपको बता दें कि स्किल डवलपमेंट से जुड़ी योजनाओं को तीन भागों में विभाजित किया जाएगा। पहले भागी यानी पहली स्कीम के तहत बड़े उद्योगों एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने की क्षमता रखने वाली कंपनियों को शामिल किया जाएगा। आरएसएलडीसी इन बड़ी कम्पनियों से सीधा करार करेग और यह बड़ी कम्पनियां युवाओं को प्रशिक्षित करके उन्हें रोजगार भी मुहैया करवा सकेंगी। वहीं दूसरी स्कीम में मध्यम श्रेणी एवं श्रेत्रीय स्तर पर उत्कृष्ट रोजगार उपलब्ध करवाने वाले उद्योग एवं संस्थान होंगे। इस तरह की कंपनियों को कौशल प्रशिक्षण करके युवाओं को रोजगार से जोडऩा होगा। तीसरी स्कीम में विशिष्ट वर्गों से संबंधित युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे। इस वर्ग में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले युवा विधवा महिला, मजदूर वर्ग, जेल कैदी आदि को शामिल किया जाएगा। इस श्रेणी की स्कीम में गरीब वर्ग का कौशल विकास करना ही मुख्य उद्देश्य होगा। जिससे इस श्रेणी के लोग अपनी आजीविका अपनी योग्यता के जरिए चला सकें। उन्हें आरएसएलडीसी की ओर से चलाई जा रहे विभिन्न स्किल डवलपमेंट के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा जिससे वह अपने कौशल का विकास कर उससे अपनी और अपने परिवार की आजीविका चला सकें। विभाग के शासन सचिव नीरज के पवन ने इस समीक्षा बैठक में कोरोनाकाल में कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।
पुरानी योजनाओं को दिया जाए नया कलेवर

इतना ही नहीं आरएसएलडीसी की ओर से संचालित की जा रही विभिन्न पुरानी योजनाओं को भी नया कलेवर दिया जाएगा जिससे योजनाओं को रोजगारपरक बनाया जा सके ।कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग राज्य मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि चांदना ने कहा कि कौशल विकास एवं कौशल प्रशिक्षण के स्तर में कई सकारात्मक प्रयोग करने की आवश्यकता है । उन्होंने पुरानी योजनाओं को नया कलेवर देने के निर्देश प्रदान किए। साथ ही राज्यस्तरीय कौशल योजनाओं को पुर्नगठित करने के लिए निगम को निर्देशित किया। चांदना ने कौशल विकास योजनाओं को मुख्यतया रोजगारपरक बनाने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक के बाद अशोक चांदना ने निगम के अधिकारियों से कहा कि कोरोना काल में जब सभी तरह के प्रशिक्षण संस्थान बंद पड़े हैं ऐसे में हमें योजनाओं को युवाओं के बेहतर भविष्य हेतु पुर्नगठित करने की आवश्यकता है, जिससे की प्रशिक्षण शुरुआत की जा सके। इस अवसर पर आरएसएलडीसी के प्रबंध निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने माननीय मंत्री महोदय को विगत वर्ष से जुड़े कार्यों प्रगति से अवगत करवाया। समीक्षा बैठक में विभाग के शासन सचिव नीरज के पवन भी उपस्थित थे।

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