शिक्षामंत्री के रवैए का विरोध


विभिन्न शिक्षक संगठन कर रहे विरोध

By: Rakhi Hajela

Published: 10 Apr 2021, 08:21 PM IST



जयपुर, 10 अप्रेल
शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा ज्ञापन देने आए शिक्षकों को फटकारने का वीडियो वायरल होने के बाद न केवल शिक्षक संगठन मंत्री का विरोध कर रहे हैं बल्कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी ने भी उनके वक्तव्य पर विरोध जताया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनियां ने इस मामले को लेकर डोटासरा पर निशाना साधा है। उन्होंने डोटासरा द्वारा शिक्षकों के साथ अमर्यादित भाषा और व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि डोटासरा ने पूरे प्रदेश के शिक्षकों का अपमान किया है। उन्होंने ट्वीट किया कि एक ओर प्रदेश की सरकार जनसुनवाई की बात करती है फिर जनसुनवाई में ऐसा घमंड है तो लोग अपनी मांगें कहा रखें ? राजनेताओं के द्वार आम जनता की पीड़ा सुनने के लिए होते हैं, शायद कांग्रेस नेताओं को बाड़े और बाड़ेबंदी पसंद है, इसलिए शिक्षा मंत्री जी खुद के घर को नाथी का बाड़ा बता रहे हैं। इधर असम के कट्टरपंथियों की बाडेबंदी कर खिदमद की जा रही है और घर पधारे शिक्षकों को बेइज़्ज़त कर रहे हैं।
टाइम टेबल जारी करें शिक्षामंत्री
शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद सहित संघ के सभी पदाधिकारियों ने भी शिक्षामंत्री का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर शिक्षामंत्री के पास नहीं जाएंगे तो कहां जाएंगे। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सलावद ने कहा कि शिक्षामंत्री आप शिक्षक संघ और शिक्षकों से कब कहा मिलेंगे इसकी समय सारणी जारी करें। जिससे शिक्षामंत्री और शिक्षकों दोनों को सहूलियत रहे और इस प्रकार की घटना दोबारा ना हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार है और डोटासरा शिक्षा मंत्री के साथ पार्टी के मुखिया भी हैं। ऐसे में इनका शिक्षकों के साथ ऐसा व्यवहार बिल्कुल उचित नहीं है क्योंकि लोकतंत्र में सबको अपनी बात व मांग रखने का अधिकार है। सलावद ने कहा कि यदि भविष्य में ऐसा फिर से हुआ तो उन्हें प्रदेश के शिक्षकों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के महामंत्री अरविंद व्यास ने कहा शिक्षकों के साथ जो व्यवहार किया गया है वह अपमानजनक है। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सम्पत ङ्क्षसह और प्रदेश संगठन मंत्री प्रहलाद शमा्र ने कहा कि इस मामले को लेकर संगठन ने मुख्यमंत्री का ज्ञापन भेजा है और मांग की है कि शिक्षकों के साथ इस प्रकार के व्यवहार की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सीएम से मांग की कि इस संबंध में वह शिक्षामंत्री को निर्देश दें। राजस्थान शिक्षक एकीकृत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष हरपाल दादरवाल ने इस प्रकरण को लेकर शिक्षामंत्री से इस्तीफा दिए जाने की मंाग की है।

Rakhi Hajela Desk
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