बारिश से पहले बुध पुष्य पर गजानन ने किया जलविहार

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर बुध पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) में प्रथम पूज्य गणेशजी का पुष्याभिषेक किया गया। भगवान गणेश को नवीन पोशाक धारण कराकर फूल बंगले में विराजमान किया गया। मोदकों का भोग लगाया गया। दुर्वाकुंर अर्पित किए गए। वहीं चांदपोल स्थित परकोटे वाले गणेश मंदिर में गजानन महाराज को जलविहार कराया गया। गजानन महाराज का पंचामृत अभिषेक कर फूल बंगले में विराजमान किया गया।

By: Girraj Sharma

Published: 24 Jun 2020, 08:26 PM IST

बुध पुष्य पर गजानन ने किया जलविहार

— सजी फूल बंगला झांकी
जयपुर। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर बुध पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) में प्रथम पूज्य गणेशजी का पुष्याभिषेक किया गया। भगवान गणेश को नवीन पोशाक धारण कराकर फूल बंगले में विराजमान किया गया। मोदकों का भोग लगाया गया। दुर्वाकुंर अर्पित किए गए। वहीं चांदपोल स्थित परकोटे वाले गणेश मंदिर में गजानन महाराज को जलविहार कराया गया। गजानन महाराज का पंचामृत अभिषेक कर फूल बंगले में विराजमान किया गया।

परकोटे वाले गणेश मंदिर महंत कैलाश चंद शर्मा के सान्निध्य में गणेशजी महाराज का सुबह विधिवत अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, बूरा, गुलाब जल सहित अनेक द्रव्यों से गणेशजी महाराज का अभिषेक किया गया। नवीन पोशाक धारण कराकर फूल बंगला और जल विहार की झांकी सजाई गई। इस मौके पर कोरोना से बचाव के लिए प्रार्थना की गई।

गणेशजजी महाराज का हुआ पंचामृत अभिषेक

बुध पुष्य नक्षत्र पर मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में 251 किलो दूध, 21 किलो दही, सवा पांच किलो बूरा, पंचामृत अभिषेक से गजानन महाराज का अभिषेक किया गया। इसके बाद गजानन महाराज को मोदक अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने घरों से ही ऑनलाइन दर्शन किए। ब्रह्मपुरी स्थित दक्षिणावर्ती नहर के गणेश मंदिर में महंत पं.जय शर्मा के सान्निध्य में गणपति का अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाकर मोदकों का भोग लगाया गया।

Girraj Sharma Desk
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