आरपीएससी की ओर से तय किए गए एकेडमिक के अंकों पर ऊपर उठ रहे सवाल

पीआरओ भर्ती परीक्षा में अंकों का अजीबोगरीब गणित

PRO इंटरव्यू में एकेडमिक के 10वीं, 12वीं और यूजी के अंकों को किया कम

10वीं, 12वीं में प्रथम श्रेणी वालों को 5, द्वितीय को 3 और तृतीय श्रेणी वालों को 2 अंक दिए

यूजी में प्रथम श्रेणी वाले अभ्यर्थियों को 10, द्वितीय को 6 और तृतीय को दिए 4 अंक

जबकि इससे पहले हुई भर्तियों में दिए गए थे 10वीं, 12 वीं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी वाले अभ्यर्थियों को दिए क्रमशः 5,4 व 3 अंक

By: Rakhi Hajela

Published: 07 Sep 2020, 04:57 PM IST


राजस्थान लोक सेवा आयोग ने भर्ती प्रक्रिया के अंकों में बदलाव कर पारदर्शिता लाने का प्रयास तो किया। लेकिन एकेडमिक अंकों के विभाजन की गणित में अभ्यर्थी उलझते नजर आ रहे है। आरपीएससी के हाल ही जारी किए पीआरओ के साक्षात्कार प्रवेश पत्र और पिछले महीनों में हुई भर्तियों में यह साफ नजर आता है। इनमें 20 अंक के एकेडमिक अंक विभाजन में 10वीं, 12वीं और यूजी (बैचलर डिग्री) के अंकों में अंतर आ रहा है। इससे कई अभ्यर्थियों को बडा नुकसान होगा

आरपीएसी: अंकों की उलझाती गणित
एकेडमिक नंबर्स चेंज करके आरपीएससी ने कहीं कुछ अभ्यर्थियों का फायदा तो नहीं पहुंचाया। इसको लेकर भी कई अभ्यर्थी आरोप लगा रहे है। उनका कहना है कि 10वीं, 12वीं और स्नातक में 2 अंक का अंतर परिणाम पर असर डाल सकता है। इसलिए आरपीएससी को साक्षात्कार की नई तारीखों के साथ—साथ अंकों के विभाजन भी दोबारा से संशोधित करना चाहिए।

गत भर्तियों में इस तरह हुआ अंक विभाजन
इससे पहले विभिन्न पदों के लिए हुए साक्षात्कार में आरपीएससी ने 10वीं और 12वीं में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 5, द्वितीय को 4 और तृतीय को 3 अंक दिए है। जबकि पीआरओ में उन्होंने क्रमश: 5, 3 और 2 ही दिए है। ऐसे में द्वितीय श्रेणी वालों को 2 अंक का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा इन्हीं पदों के साक्षात्कार में स्नातक डिग्री पर पहले 10 अंक में से प्रथम श्रेणी वाले अभ्यर्थियों को 10, द्वितीय को 8 और तृतीय को 6 अंक दिए थे। वहीं, पीआरओ के पैटर्न में क्रमश: 10, 6 और 4 अंक ही दिए है। यहां पर सबसे ज्यादा नुकसान यूजी के साथ अनुभवधारकों को हो रहा है।

पूर्व के एग्जाम में अंक तालिका
— सहायक टाउन प्लानर— प्रथम श्रेणी 5, द्वितीय 4, तृतीय 3
— सहायक सांख्यिकी अधिकारी— प्रथम 5, द्वितीय 4 तृतीय 3
— सहायक कृषि अधिकारी— 75 प्रतिशत प्लस अंक वालों को 5, प्रथम को 4, द्वितीय को 3, पास को 2
— सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी— 75 प्रतिशत प्लस को 5, प्रथम को 4, द्वितीय को 3 और पास को 2

स्नातक और अनुभव के अंक भी अलग करने की मांग
अभ्यर्थियों ने बताया कि जैसे पीआरओ में यूजी और पत्रकारिता में डिप्लोमा के अलावा स्नातक और स्नातकोत्तर (हिंदी व अंग्रेजी) को भी अलग—अलग कर 5—5 अंक में विभाजित किया है। उसी तरह स्नातक और योग्यता के पत्रकारिता के 5 वर्ष के अनुभव को भी अलग—अलग 5—5 अंक में बांटा जाए। ऐसा नहीं होने पर सामान्य स्नातक और 5 अनुभव साल के अनुभव की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान हो जाएगा।

Rakhi Hajela Desk
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