108 किलो का विशेष केक अर्पित

भाद्रपद शुक्ल अष्टमी (Radhashtami) पर मंगलवार को राधाष्टमी मनाई गई। राधा रानी का प्राकट्योत्सव शहर के सभी श्रीकृष्ण मंदिरों में मनाया गया। मुख्य आयोजन आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में हुआ। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने सुबह मंगला झांकी के बाद राधा रानी का वेद मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद राधाजी और ठाकुर जी को नवीन पीली पोशाक धारण कराकर विशेष आभूषण धारण करवाए गए।

By: Girraj Sharma

Published: 14 Sep 2021, 10:00 PM IST

108 किलो का विशेष केक अर्पित

राधाष्टमी : राधेजी का हुआ जन्माभिषेक, गूंजी बधाइयां

जयपुर। भाद्रपद शुक्ल अष्टमी (radhashtami) पर मंगलवार को राधाष्टमी मनाई गई। राधा रानी का प्राकट्योत्सव शहर के सभी श्रीकृष्ण मंदिरों में मनाया गया। मुख्य आयोजन आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में हुआ।

मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने सुबह मंगला झांकी के बाद राधा रानी का वेद मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद राधाजी और ठाकुर जी को नवीन पीली पोशाक धारण कराकर विशेष आभूषण धारण करवाए गए। धूप झांकी में ठाकुरजी का अधिवास पूजन किया गया। इस मौके पर छप्पन भोग की झांकी भी सजाई गई। श्रृंगार झांकी के बाद राधा रानी को कपड़े, फल, टॉफी आदि अर्पित किए गए। शाम को संध्या झांकी में आकर्षक फूल बंगला झांकी सजाई गई। सुबह मंदिर में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी दर्शन किए। गोविंद देवजी के अधीन राधा माधवजी, नटवर जी, कुंज बिहारीजी, गोपालजी नागा, गोपालजी तालाब, मुरली मनोहरजी, गोपालजी रोपाड़ा में भी राधाष्टमी मनाई गई।

जगतपुरा स्थित अक्षय पात्र के श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में मंगलवार को राधा अष्टमी मनाई गई। ठाकुरजी का 51 कलशों से 51 प्रकार के दिव्य पदार्थों, फल व फूलों के रस से अभिषेक किया गया। ठाकुरजी को भोग के साथ 108 किलो का विशेष केक अर्पित किया गया। इस दौरान भक्तों ने संकीर्तन और भजन किए। मंदिर अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि ठाकुरजी को नए वस्त्र धारण करवाए गए। फूलों से विशेष शृंगार किया गया। ठाकुरजी को भोग के साथ 108 किलो का विशेष केक अर्पित किया गया। शाम को पालकी उत्सव का आयोजन किया गया। ठाकुरजी की पालकी शोभायात्रा निकाली गई।

सुभाष चौक पानों का दरीबा सरस निकुंज स्थित शुक संप्रदाय की प्रधान पीठ में राधाजी का प्राकट्योत्सव सादगी से मनाया गया। शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरीशरण के सान्निध्य में अभिषेक, श्रृंगार, बधाईगान और उछाल के आयोजन हुए। वैष्णव श्रद्धालुओं ने रावल में आज बजत बधाई..., बधाई बाजत आज भानुराय के... जैसे बधाई के पदों का गायन किया गया।

Girraj Sharma Desk
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