देशभर में बेड को लेकर मारामारी, रेलवे के खाली पड़े हैं आइसोलेशन कोच

एक ओर देशभर में कोरोना महामारी के चलते अस्पताल फुल चल रहे हैं और बेड को लेकर मारामारी चल रही है। वहीं रेलवे के आइसोलेशन कोच किसी काम नहीं आ रहे हैं।

By: kamlesh

Published: 24 Apr 2021, 01:58 PM IST

शादाब अहमद/जयपुर। एक ओर देशभर में कोरोना महामारी के चलते अस्पताल फुल चल रहे हैं और बेड को लेकर मारामारी चल रही है। वहीं रेलवे के आइसोलेशन कोच किसी काम नहीं आ रहे हैं। रेलवे के 3816 आइसोलेशन कोच तैयार खड़े हैं, लेकिन दिल्ली व मुंबई के अलावा किसी अन्य जगह से इन कोच के लिए कोई मांग नहीं की गई है।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर कहर बनकर टूट रही है। हर जगह से मरीजों को ऑक्सीजन, दवाएं, पलंग नहीं मिलने की दर्दविदारक तस्वीरें और किस्से सामने आ रहे हैं। इस तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए रेलवे ने इस बार भी करीब 60 हजार से अधिक पंलगों की क्षमता के 3816 आइसोलेशन कोच तैयार किए। रेलवे का दावा है कि इनमें साफ-सफाई, पानी के साथ हर तरह की सुविधा मुहैया कराई गी है। राज्यों से मांग भी मांगी गई है। फिलहाल महाराष्ट्र सरकार की मांग पर मुंबई के नंदूरबार में 378 पलंगों की क्षमता के 21 कोच खड़े किए गए हैं। जहां भी सिर्फ 32 मरीज ही फिलहाल इलाज करवा रहे हैं। इसी तरह दिल्ली सरकार ने शकुरबस्ती में 800 पलंगों की क्षमता के 50 और आनंदविहार में 400 पलंगों की क्षमता के 25 कोच खड़े करवा दिए, लेकिन यहां अब तक एक भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है।

नंदूरबार में कूलर भी लगवाए
पिछले साल रेलवे के आइसोलेशन कोच में गर्मी से बचाव के कोई इंतजाम नहीं होने पर सवाल खड़े किए गए थे। इससे सबक लेकर महाराष्ट्र के नंदूरबार में जिन कोच में मरीज किए गए हैं, वहां कूलर लगवाए गए हैं। साथ ही कोच की छतों पर भी बोरियां बिछाई गई है।

-पिछले साल भी नहीं आए थे काम
कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान रेलवे ने 5231 आइसोलेशन कोच तैयार किए थे। इनमें से 813 कोच ही राज्य सरकारों ने काम में लिए थे।

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