एमपी के सर्कुलर से राजस्थान के कांग्रेसियों में हलचल, दिनभर लगे रहे जोड़-बाकी में, जाने पूरा मामला

एमपी के सर्कुलर से राजस्थान के कांग्रेसियों में हलचल, दिनभर लगे रहे जोड़-बाकी में, जाने पूरा मामला

pushpendra shekhawat | Publish: Sep, 04 2018 05:46:15 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

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जयपुर। मध्यप्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने सर्कुलर ने प्रदेश में भी कांग्रेसी नेताओं के हलचल मचा दी है। इस सर्कुलर के अनुसार पार्टी उम्मीदवारों के चयन में सोशल मीडिया पर सक्रियता के आधार पर निर्णय लेगी। उम्मीदवारों के फेसबुक पर 15000 लाइक्स और ट्विटर पर 5000 फॉलोअर्स होना अनिवार्य है। कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार को जहां इसी सर्कुलर की चर्चा रही। प्रदेश में सोशल मीडिया के मोर्चे पर भाजपा के मुकाबले कांग्रेस पिछड़ती दिख रही है। प्रदेश भाजपा और उनके बडे नेता ट्विटर और फेसबुक पर फॉलोअर्स के मामले में कांग्रेस से खासी बढ़त बनाए हुए हैं।

 

प्रदेश में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने सोशल मीडिया को सबसे बड़े हथियार के रूप में चुना है। सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने आइटी सेल बना रखे हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी से लेकर लगभग सभी केन्द्रीय मंत्री और प्रमुख पदाधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।

 

वाट्सऐप भी जरूरी
दोनों ही दल अधिक से अधिक वाट्सऐप पर भी सक्रिय हो रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बूथ लेवल तक ग्रुप बनाने के निर्देश के बाद इसमें और तेजी आने की संभावना है। इन ग्रुपों और सोशल मीडिया के जरिए नेता तात्कालिक मुद्दों से लेकर स्वयं के दौरे, महापुरुषों के जन्मदिन, शोक संवेदना समेत अखबारों के फोटो और न्यूज चैनलों की क्लिपिंग शेयर करते हैं। इसके साथ ही इनकी टिप्पणियां खबरों में सुर्खियां भी बटोरती हैं।

 

कांग्रेस की चिन्ता इसलिए भी
फॉलोअर्स के मामले में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्रदेश के सभी नेताओं से कहीं आगे हैं। ट्विटर पर उनके फॉलोअर्स की संख्या 34 लाख है, वहीं फेसबुक पर यह करीब 92 लाख से अधिक है। प्रदेश के कांग्रेस के दिग्गज नेता इस आंकड़े के कहीं आसपास भी नजर नहीं आ रहे हैं।

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