सदन की कार्यवाही से गायब रहते हैं विधायक, भाजपा-कांग्रेस की बढ़ी चिंता

विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मगर सदन की कार्यवाही के दौरान विधायकों के गायब रहने की वजह से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों की चिंता बढ़ती जा रही है। विधायक दल की बैठक में बार-बार कहने के बाद भी महत्वपूर्ण मांगों पर चर्चा के दौरान दोनों ही पार्टियों के विधायक सदन में मौजूद नहीं रहते हैं।

By: Umesh Sharma

Published: 01 Mar 2020, 06:15 PM IST

जयपुर।

विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मगर सदन की कार्यवाही के दौरान विधायकों के गायब रहने की वजह से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों की चिंता बढ़ती जा रही है। विधायक दल की बैठक में बार-बार कहने के बाद भी महत्वपूर्ण मांगों पर चर्चा के दौरान दोनों ही पार्टियों के विधायक सदन में मौजूद नहीं रहते हैं।

विधानसभा में 26 फरवरी को ही सत्तापक्ष के विधायक और मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। जिसकी वजह से सरकार गिरने की नौबत आ गई। विनियोग बिल पर भाजपा की ओर से मत विभाजन की मांग की और हंगामा किया। यह सुन 20 मंत्री दौड़कर सदन में पहुंचे। भाजपा ने सदन के दरवाजे बंद करने की मांग की, लेकिन तब पर्याप्त संख्या में विधायक और मंत्री सदन में पहुंच चुके थे। इसके बाद विनियोग विधेयक सदन से पारित करवाया गया।

उपनेता प्रतिपक्ष ने जताई नाराजगी

भाजपा विधायकों के सदन से गायब रहने को लेकर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी नाराजगी जता चुके हैं। राठौड़ ने भाजपा विधायक दल की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। यही नहीं सदन में एक दिन शून्यकाल के दौरान भाजपा विधायक बहुत कम संख्या में मौजूद थे। इस पर राठौड़ ने करीब 20 विधायकों को फोन करके बुलाया।

कांग्रेस प्रभारी ने मांगी सूची

बताया जा रहा है कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने सदन में अनुपस्थित रहने वाले विधायकों की सूची मांगी है। आलाकमान के निर्देश पर यह सूची मांगी गई और इसे आलाकमान को सौंपा जाएगा। पार्टी चाहती है कि सरकार ने राजस्थान के लिए अच्छी योजनाएं बनाई हैं, जिसे कांग्रेस विधायक सदन में रखें। इससे विपक्ष कमजोर होगा।

Umesh Sharma Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned