विधानसभा में सरकार को घेरेगी भाजपा, जानिए क्या है भाजपा का एक्शन प्लान

विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा ने सरकार को घेरने का प्लान बना लिया है। बढ़ते अपराध, बिजली के दामों में बढ़ोतरी, बिजली वीसीआर के नाम पर वसूली जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सदन में सरकर को घेरेगी।

By: Umesh Sharma

Published: 20 Aug 2020, 06:21 PM IST

जयपुर।

विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा ने सरकार को घेरने का प्लान बना लिया है। बढ़ते अपराध, बिजली के दामों में बढ़ोतरी, बिजली वीसीआर के नाम पर वसूली जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सदन में सरकर को घेरेगी।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम कोशिश करेंगे जनता से जुड़े जो मुद्दे हैं उनको सदन में उठाएं। पिछले दिनों जयपुर में भारी बाशि हुई, उसे सात दिन का समय गुजर जाने के बाद भी सरकार युद्ध स्तर पर काम नहीं कर पाई, जिसकी वजह से आज भी दो हजार से ज्यादा मकान और दर्जनों वाहन मिट्टी में दबे हुए हैं। इसी तरह बिजली के बिलों में राहत देने की बजाय उसमें बढ़ोतरी कर दी गई। किसानों को वीसीआर के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। टिड्डी को खत्म करने का सरकार कोई प्रबंध नहीं कर पाई। प्रदेश अपराधों की राजधानी बनता जा रहा है, लेकिन सीएम खुद गृहमंत्री होने के बाद भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। ये तमाम मुद्दे हैं जिन्हें लेकर सरकार से जवाब मांगे जाएंगे। पूनियां ने फेसबुक और वहाट्सएप को बीजेपी नेताओं द्वारा प्रभावित करने के राहुल गांधी के बयान पर कहा कि राहुल गांधी को राजनीतिक ज्ञान और समझ के तौर पर उनको और कितना समय लगेगा।

कोरोना प्रबंधन का कोई रोडमैप नहीं

पूनियां ने कहा कि कोरोना से लड़ाई का सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है। जागरुकता की नसीहत भाषण और विज्ञापनों में हैं। सीएम बार—बार भीलवाड़ा मॉडल की बात करते हैं, लेकिन सच ये है कि कोरोना प्रबंधन में सरकार कमजोर थी और कमजोर है। इस पर एक्शन प्लान की जरूरत हैं।

सीएम का फोटो लगाना हास्यास्पद

पूनियां ने पानी के बिलों पर सीएम के फोटो पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि लगभग 40 बरसों के बाद पानी के बिल का फॉरमेट बदला है। उस पर सीएम का फोटो है। ताज्जुब होता है पानी के बिल को भी विज्ञापन का जरिया बना दिया है। बड़ी हास्यापस्पद बात है।

इंदिरा रसोई नहीं, सरकार की नीयत पर एतराज

इंदिरा रसोई को लेकर पूनियां ने कहा कि इस योजना से गरीबों को भोजन मिलेगा ये अच्छी बात है। लेकिन सरकार इस बात का जवाब दें कि अन्नपूर्णा का नाम बदलने में पौने दो साल लगा दिए। सीएम सियासत की बात करके खुद भूल जते हैं कि पौने दो साल तक योजना को ठंडे बस्ते में क्यों रखा। अन्नपूर्णा का नाम पर बदलकर इंदिरा कर दिया। मुझे नाम पर नहीं नीयत पर एतराज है।

Umesh Sharma Reporting
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