विधायक भरत सिंह ने अपनी ही सरकार को दी सीख, बोले- 'प्रकृति को लगा ग्रहण, सुझावों को कौन करेगा ग्रहण'

विधायक भरत सिंह ने अपनी ही सरकार को दी सीख, बोले- 'प्रकृति को लगा ग्रहण, सुझावों को कौन करेगा ग्रहण'

abdul bari | Updated: 18 Jul 2019, 03:12:48 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

भरत सिंह ने सरकार को मानो सीख देते हुए कहा कि छह महीने निकल चुके हैं। बाकी सदुपयोग कर लिया जाए तो अच्छा होगा। लेकिन जो भी सुझाव आ रहे हैं, उनको ग्रहण करने वाला कौन हैं। बरसात का पानी बहकर निकल जाता है और फिर अकाल की बात की जाती है। उन्होंने कुछ साल पहले जयपुर में घटित हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जयपुर में सांड के हमले से एक स्पेनिश पर्यटक की मौत हो गई थी, लेकिन इस घटना से सबक नहीं लिया।

जयपुर
विधानसभा में बुधवार को वन पर्यावरण पर्यटन और राजस्व की अनुदान की मांगों पर बोलते हुए कांग्रेस के कई सदस्यों ने अपनी ही सरकार की कार्यशेली पर सवाल उठाए। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र की मांगों को उठाया और पर्यटन स्थलों में सुधार की मांग की।


कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व मंत्री भरत सिंह ने सरकार और ब्यूरोक्रेसी पर तंज कसते हुए इसे गुरूपूर्णिमा और चंद्रग्रहण से जोड़ दिया। भरत सिंह ने कहा कि वन को गुरू माना जाता है, लेकिन आजकल प्रकृति को ग्रहण लग गया। हम चाहें तो प्रदेश में 5 रणथम्भौर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वो विधानसभा में बोलते हैं तो ऐसा लगता है मानो अपने पाप का प्रायश्चित कर रहे हैं। अब नहीं बोला यह तो पाप होगा।


भरत सिंह ने सरकार को मानो सीख देते हुए कहा कि छह महीने निकल चुके हैं। बाकी सदुपयोग कर लिया जाए तो अच्छा होगा। लेकिन जो भी सुझाव आ रहे हैं, उनको ग्रहण करने वाला कौन हैं। बरसात का पानी बहकर निकल जाता है और फिर अकाल की बात की जाती है। उन्होंने कुछ साल पहले जयपुर में घटित हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जयपुर में सांड के हमले से एक स्पेनिश पर्यटक की मौत हो गई थी, लेकिन इस घटना से सबक नहीं लिया।


सदन में अमीन खान ( MLA Amin Khan ) ने वनभूमि पर अतिक्रमण के मुदृदे को उठाया। उन्होंने सेंचुरी एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि अतिक्रमित भूमि को कब्जे से मुक्त करवाने की जरूरत है। निर्दलीय बलजीत यादव ने जयपुर-दिल्ली हाईवे पर बंद पड़े आरटीडीसी के बहरोड़ मिडवे को फिर से शुरू करने की मांग की।


चेतन चौधरी ( MLA chetan singh chaudhri ) ने डीडवाना विधानसभा क्षेत्र का एक मामला उठाते हुए कहा कि वहां राजस्व विभाग मनमर्जी का खेल खेल रहा है। हरीश मीणा ने कहा कि जब से वन विभाग बना है। जंगल कटते जा रहे हैं और जानवर भी मरते जा रहे हैं। बड़े-बड़े भूमाफिया होटल व्यवसाय से जुडे हुए हैं। वन और पर्यटन विभाग के अधिकारी होटल मालिकोंं की सेवा में लगे हुए हैं। इन्हें रोका जाना चाहिए।बीसलपुर के विस्थापितों को पट्टे नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश ओर गुजरात में पटवारी के पद समाप्त हो गए हैं तो राजस्थान में भी पटवारी के पद समाप्त करके पंचायत समितियों को ये अधिकार दे देने चाहिए।

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