राजस्थान में अगर आज चुनाव हों तो तीन-चौथाई बहुमत से बने BJP सरकार: अरुण सिंह

- प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह की प्रेसवार्ता, राहुल गांधी और गहलोत सरकार रहे निशाने पर, राजस्थान में सरकार बनाने का किया दावा, प्रदेश की मौजूदा परिस्थितियों को बताया वजह, ‘किसान और बेरोजगार युवाओं से हो रही वादाखिलाफी’, ‘प्रदेश भाजपा में कोई गुटबाजी नहीं, मतभेद होना स्वाभाविक’

 

By: nakul

Published: 24 Jan 2021, 02:06 PM IST

जयपुर।

राजस्थान भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने दावा किया है कि प्रदेश में यदि आज विधानसभा चुनाव हो जाएँ तो भाजपा तीन-चौथाई बहुमत के साथ सरकार बना सकती है। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित होने वाली कोर ग्रुप बैठक से पहले मीडिया से मुखातिब हुए अरुण सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। प्रेसवार्ता में उन्होंने राज्य की गहलोत सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताने के साथ ही भाजपा में एकजुटता की बात भी कही।

'विश्वास खो चुकी गहलोत सरकार'
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि गहलोत सरकार प्रदेश के लोगों का विशवास खो चुके हैं जिसका परिणाम जिला परिषद् चुनाव के नतीजों में सामने आया है। 21 जिला परिषद् में से 14 पर भाजपा ने जीत हासिल कर बता दिया है कि यदि आज चुनाव हो जायें तो भाजपा तीन-चौथाई जीत के साथ सरकार बना सकती है।

'किसान-बेरोजगार सब परेशान'
सिंह ने कहा कि गहलोत सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान किसान और बेरोजगार युवा खासतौर से परेशान है। कांग्रेस जहां किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है वहीं राजस्थान में उन्हीं की कांग्रेस सरकार में किसानों का बुरा हाल हो रहा है। तो वहीं बेरोजगार युवा सरकार नौकरियों और बेरोज्दारी भत्ते के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने किसानों को बिजली कनेक्शन पर पूर्व में मिल रही सब्सिडी ख़त्म की गई है जबकि किसानों के कर्जे आज दिन तक माफ़ नहीं हुए हैं। किसान कर्जमाफी के लिए गठित कमेटी की मार्च से लेकर अभी तक बैठक तक नहीं हुई है। वहीं सरकार लगातार बिजली कीमतें बढ़ा रही है।

'अभी तो कई सीएम चेहरे आएंगे सामने'
प्रदेश भाजपा में मुख्यमंत्री पद के कई संभावित चेहरे होने के सवाल पर अरुण सिंह ने कहा कि इस बारे में मीडिया और सोशल मीडिया में अटकलें लगना स्वाभाविक है। चुनाव नज़दीक आते-आते मुख्यमंत्री चहरे के लिए और भी कई नाम सामने आयेंगे। लेकिन पार्टी का पार्लियामेंटरी बोर्ड ही इस बारे में अंतिम निर्णय लेता है। जबकि चुनाव होने के बाद विधायक दल अपने नेता को चुनता है।

‘मतभेद स्वाभाविक, पर गुटबाजी नहीं’
प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने एक बार फिर पार्टी के अंदरखाने गुटबाजी की अटकलों को नकार दिया। उन्होंने दोहराया कि पार्टी नेताओं के बीच अक्सर मतभेद होते हैं लेकिन मनभेद नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि मतभेद होना लोकतंत्र में ज़रूरी है। पार्टी में भी मतभेद होते हैं लेकिन सर्वसम्मति से निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 21 में 14 जिला परिषदों में जीत से सभी नेताओं की एकजुटता का ही परिणाम है।

कन्फ्यूज्ड राहुल गाँधी, कन्फ्यूज्ड कांग्रेस पार्टी
प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह के निशाने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी भी रही। उन्होंने कांग्रेस को कफ्यूज्ड और यू-टर्न लेने वाली पार्टी करार दिया। सिंह ने कहा कि चाहे लॉकडाउन हो या कोरोना वैक्सीन की बात हो, हर समय कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी कन्फ्यूज़ रही और बार-बार यू-टर्न लेती रही है।

उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान राहुल गांधी के बयान लगातार विरोधाभासी रहे तो वहीं कोरोना वैक्सीन निर्माण पर भी कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री और देश के वैज्ञानिकों को अपमानित किया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस का नेतृत्व ही इतना कन्फ्यूज़ है तो मुख्यमंत्री या प्रदेश अध्यक्ष तो कन्यूज़ रहेंगे ही।

'अपना हित साधने के लिए किसान हित से खिलवाड़'
भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कृषि कानूनों को लेकर हो रहे चौतरफा विरोध पर कहा कि किसान आन्दोलन में कांग्रेस पार्टी सीधे तौर पर शामिल है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अपना हित साधने के लिए किसानों के हित के साथ खिलवाड़ कर रही है।


अरुण सिंह ने कहा कि कहा कि कांग्रेस के नेता किसानों और आमजन को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस पार्टी के ही घोषणा पत्र में सत्ता में आने पर एपीएमसी एक्ट ख़त्म करने और फ्री मार्केट छोड़ने का वादा किया गया था। लेकिन अब जब कानूनों में ऐसे प्रावधानों को शामिल किया गया है तब वे कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

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