राजस्थान में BJP MLA ने अपनी ही पार्टी की सरकार की खोल डाली पोल, होम मिनिस्टर बोले- 'आप भी दूध के धुले नहीं'

राजस्थान में BJP MLA ने अपनी ही पार्टी की सरकार की खोल डाली पोल, होम मिनिस्टर बोले- 'आप भी दूध के धुले नहीं'

Nakul Devarshi | Publish: Feb, 15 2018 08:20:38 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

बीजेपी एमएलए बोले- 'मजाक बना रखा है सरकार को, चाहे जिसे बचा लो', गृह मंत्री बोले- 'आप भी दूध के धुले नहीं'

जयपुर।

भाजपा विधायकों और मंत्रियों के बीच चल रही खींचतान अब विधानसभा में भी दिखाई देने लगी है। सत्तापक्ष के विधायक ही मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे हैं। विधानसभा में बुधवार को सत्तापक्ष के विधायक शुभकरण चौधरी ने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया पर सवाल उठाए। कटारिया ने चौधरी को खरीखोटी सुना दी। बहस को देखकर विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह ने नाराजगी जताई।

 

दरअसल, बुधवार को शून्यकाल के दौरान उदयपुरवाटी से भाजपा विधायक शुभकरण चौधरी ने पांच मामलों में जांच होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर यहां तक कह दिया कि मजाक बना रखा है, सरकार को चाहे जिसे बचा लो। 44 लाख खाने वाले को इस तरह नहीं बचाने दूंगा। एक ही व्यक्ति व परिवार के खिलाफ इतने आरोप होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही। जांच में दोष सिद्ध होने के बावजूद फाइल को सीआईडी सीबी में मंगवा लिया जाता है। यदि आरोपी दोषी नहीं है तो मैं विधानसभा से इस्तीफा दे दूंगा।

 

गृहमंत्री कटारिया आरोपों का जवाब दे रहे थे, तब चौधरी ने टोकाटोकी का प्रयास किया। इस पर कटारिया ने कहा कि आप भी दूध के धुले हुए नहीं हो। जवाब में विधायक चौधरी ने कहा कि मैं तो दूध का धुला हूं, आप अपनी जबान ठीक करो।

 

कटारिया बोले, आप एक बात समझ लो, आप जिसके साथ मिले हो, मुझे पता है। किसी निर्दोष को न आज मुलजिम बनाउंगा, न कल बनाउंगा। चौधरी ने कहा कि मैं ऐसे नहीं सुनुंगा। बढ़ती बहस को देखकर उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पर्ची से मामला उठाने का अवसर मिलता है। मंत्री जवाब दे यह बाध्यकारी नहीं है। इस तरह बहस होगी तो पर्ची सिस्टम ही खत्म हो जाएगा। उपाध्यक्ष ने यहकर मामला शांत किया मंत्री का जवाब पर्याप्त है और इसके बाद कोई नहीं बोलेगा।

 

... इधर आहूजा पर हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई
भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। भाजपा मुख्यालय पर बुधवार को हुई अनुशासन समिति की बैठक में हाल ही चल रहे आहूजा और श्रम मंत्री जसवंत यादव के प्रकरण पर चर्चा की गई। चर्चा के बाद एक गुप्त रिपोर्ट को दिल्ली हाईकमान को भेजी गई है। सूत्रों की माने तो रिपोर्ट के खुलासे के बाद आहूजा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

 

आहूजा का पिछले दिनों ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा की अंदरुनी सियासत गरमा गई। यह मामला सामने आने के बाद आहूजा से भाजपा के अन्य विधायक किनारा करने लगे हैं। विधानसभा में भी आहूजा अकेले पड़ गए हैं। बजट भाषण के समय यह स्थिति साफ तौर पर देखने को मिली जब सभी विधायक बजट के लिए सरकार को बधाई देते नजर आए वहीं ज्ञानदेव आहूजा एक कौने में अकेले खड़े थे। बाद में उन्होने संवाददाताओं से कहा भी कि वे अकेले ही सब पर भारी पड़ेंगे।

 

वायरल ऑडियो में नेतृत्व पर सवाल
आहूजा का पिछले दिनों एक ऑडियो वायरल हुआ। इस ऑडियो में नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए हार की जिम्मेदारी सरकार पर डाली थी। अलवर से सांसद का चुनाव हार चुके श्रम मंत्री जसवंत यादव ने ज्ञानदेव आहूजा पर हमला करते हुए कहा कि अगर वायरल ऑडियो आहूजा का है तो उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। प्रदेश के तीन उपचुनावों में भाजपा की हुई हार के बाद सबसे ज्यादा कलह अलवर में सामने आ रही है। अलवर की आठ में से सात सीटों पर भाजपा के विधायक हैं।

 

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