मीटर से बिल तो मिलेगी छूट, एक साल में 12 हजार तक का फायदा

राज्य में बिजली के 13 लाख कृषि उपभोक्ताओं को अब 12 हजार रुपए सालाना सब्सिडी मिलेगी। पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार की डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना को नए कलेवर में पेश किया गया है।

By: kamlesh

Published: 25 Feb 2021, 02:29 PM IST

जयपुर। राज्य में बिजली के 13 लाख कृषि उपभोक्ताओं को अब 12 हजार रुपए सालाना सब्सिडी मिलेगी। पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार की डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना को नए कलेवर में पेश किया गया है। उड़ीसा सरकार की स्कीम की तर्ज पर बिल मीटरिंग के जरिए सब्सिडी देने की घोषणा की है। इससे अधिकतर उन किसानों के बिजली के बिल शून्य हो जाएंगे, जिन्हें सालाना 12 हजार रुपए तक चुकाने पड़ रहे थे। हालांकि जिनके मीटर सही होंगे, उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा। इस पर 1450 करोड़ रुपए सालाना भार आएगा। खास यह है कि सरकार ने 'चतुराई' से इस मामले को अंजाम तक पहुंचाकर न केवल किसानों को खुश करने की कोशिश की है बल्कि भाजपा सरकार की योजना के जरिए वाहवाही लूटने की कोशिश की है। इसमें बिजली बिल में 833 रुपए प्रति माह सब्सिडी दी गई थी। हालांकि कांग्रेस सरकार ने पिछले डेढ़ साल से इस पर अघोषित रोक लगा रखी थी।

कृषि सौगात

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना में काम
3 लाख किसानों को बॉयो फर्जीलाइजर व बॉयो एजेंट्स
1 लाख किसानों के लिए कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना की जाएगी
3 लाख किसानों को माइक्रो न्यूट्रेंट्स किट दिए जाएंगे
5 लाख किसानों को उन्नत किस्म के बीज वितरित किए जाएंगे
30 हजार किसानों के लिए डिग्गी व फार्म पॉण्ड का निर्माण कराया जाएगा
1.20 लाख किसानों को स्प्रिेंकल व मिनी स्प्रिंकलर दिए जाएंगे
फार्मर प्रोड्यूसर सेंटर (एफपीओ) स्थापित किए जाएंगे। इसमें क्लीनिंग, प्रोसेसिंग व ग्रेडिंग यूनिट्स
स्थापित की जाएंगी।

कृषि मंडी
किसान कॉम्पलेक्स
60 करोड़ की लागत से जोधपुर के आंगणवा में आधुनिक सुविधा युक्त ज्योतिबाफुले कृषि उपज मंडी बनेगी।
20 करोड़ की लागत से राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि उपज मंडी भदवासिया में किसान कॉम्पलेक्स बनाया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में फूड पार्क बनाने की योजना।

पशुपालन
जयपुर, बीकानेर में डेयरी विज्ञान महाविद्यालय
डूंगरपुर, हिंडोली एवं हनुमानगढ़ में नवीन कृषि महाविद्यालय
राजसमंद में स्वतंत्र दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ का गठन
1500 दुग्ध संकलन केन्द्र प्राथमिक उत्पादक सहकारी समितियों में क्रमोन्नत

खेत
बजट फार्मिंग में खर्च होंगे 60 करोड़
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में जीरो बजट नेचर फार्मिंग योजना में 3 वर्ष में 60 करोड़ रुपए का व्यय कर 15 जिलों में 36 हजार किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।

टैक्स में छूट
मंडी शुल्क व आढ़त में 1 प्रतिशत तक कमी
गुड़ चीनी, इमारती लकड़ी, देशी घी पर मंडी शुल्क .60 प्रतिशत कम
फल सब्जी पर आढ़त में एक प्रतिशत कमी, गुड़, चीनी, तिलहन व कृषि जिंस पर .50 प्रतिशत कमी।

विश्लेषण: कृषि शिक्षा में आर्थिक नीति की भी जरूरत
डॉ. एके पुरोहित, पूर्व कृषि प्रसार शिक्षा निदेशक
राज्य के बजट में कृषि के लिए उल्लेखनीय घोषणाएं हैं। किसानों की कर्ज माफी, अगले वर्ष से कृषि बजट की शुरुआत, ब्याजमुक्त फसली ऋण के लक्ष्यों की प्राप्ति, मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का प्रारंभ, फेर्टिगेशन को प्रोत्साहन, मिनी फूड पार्क, कृषि उपज मंडी, सोलर पंप, जीरो बजट खेती, पशु योजनाएं इत्यादि महत्वपूर्ण हैं। योजनाओं और नवीन तकनीक के प्रसार के लिए, कृषि स्नातकों के लिए स्वरोजगार संबंधी योजनाओं के लिए प्रावधान होते तो और अच्छा होता। राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता भी है। प्राइवेट विश्वविद्यालयों में कृषि शिक्षा की स्थिति के बारे में भी आर्थिक नीति बनती तो और अच्छा होता। बजट में बिजली को लेकर भी कई घोषणाएं की है। खास तौर पर छोटे किसानों को छूट उनके लिए मददगार साबित होगी।

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