दस महीने बाद CM गहलोत आज दिल्ली पहुंचेंगे, कल कांग्रेस की बैठक में लेंगे भाग

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करीब 10 महीने बाद शुक्रवार दोपहर दिल्ली आएंगे। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से बुलाई गई पार्टी के शीर्ष नेताओं की बैठक में भाग लेंगे।

By: santosh

Published: 18 Dec 2020, 09:26 AM IST

पत्रिका ब्यूरो
नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करीब 10 महीने बाद शुक्रवार दोपहर दिल्ली आएंगे। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से बुलाई गई पार्टी के शीर्ष नेताओं की बैठक में भाग लेंगे।

सूत्रों ने बताया कि सोनिया ने अध्यक्ष पद के चुनाव और किसान आंदोलन को लेकर उक्त बैठक 10 जनपथ पर शनिवार सुबह बुलाई है। इसके लिए गहलोत जयपुर से शुक्रवार शाम 5 बजे विशेष विमान से रवाना होकर शाम 6 बजे दिल्ली पहुंचेंगे।

शनिवार सुबह बैठक में भाग लेकर शाम 4 बजे लौटेंगे। गहलोत इससे पहले दिल्ली के विधानसभा चुनाव में 1 फरवरी को बादली में कांग्रेस उम्मीदवार देवेन्द्र यादव के समर्थन में सभा करने आए थे। इसके बाद विधायक राजेन्द्र बिधूड़ी के परिवार में विवाह समारोह में भाग लेने आए लेकिन हवाई अड्डे से ही लौट गए थे।

सियासी संकट के समय भी नहीं आए
राजस्थान में जुलाई व अगस्त में करीब 32 दिन तक गहलोत सरकार पर संकट छाया रहा लेकिन तब भी गहलोत दिल्ली नहीं आए। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, अहमद पटेल समेत अन्य नेताओं ने सचिन पायलट के साथ बैठकें की। वहीं गहलोत ने अधिकांश बैठकों में वर्चुअल भाग लिया है।

कांग्रेस की कल होगी बैठक, नाराज नेताओं को भी बुलाया
कांग्रेस की शनिवार को अहम बैठक होगी। इसमें पार्टी के शीर्ष नेता भाग लेंगे। बैठक में किसान आंदोलन समेत कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पत्र लिखने वाले कुछ अहम नेताओं को भी बैठक में बुलाया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बैठक में सोनिया नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा करेंगी। माना जा रहा है कि जनवरी-फरवरी में होने वाले अध्यक्ष के चुनाव के लिए सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। अध्यक्ष के चुनाव की मांग करने वाले कुछ नेताओं को भी बैठक में बुलाया गया है, जिनसे सोनिया गांधी व्यक्तिगत चर्चा कर सकती हैं।

आखिर ऐसे बनी बात
सूत्रों ने बताया कि नाराज नेताओं को सोनिया से संवाद शुरू कराने में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की अहम भूमिका है। गांधी परिवार के नजदीकी माने जाने वाले कमलनाथ इन दिनों सक्रिय दिख रहे हैं।

लेटर बम से आया था सियासी उबाल
राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजद समेत 23 प्रमुख नेताओं ने पिछले दिनों नेतृत्व को चुनौती देते हुए पत्र लिखा था। इसमें निचले स्तर से लेकर कार्यसमिति सदस्यों व राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की मांग की थी। इसके बाद कांग्रेस की सियासत में उबाल आ गया था। कांग्रेस के कई नेताओं ने इसे पार्टी से बगावत तक करार किया था।

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