'मेहमानों की संख्या 200 करें या विवाह समारोह पर भी रोक लगे'

कोरोना संक्रमण के बढ़ते दायरे और राज्य सरकार की सख्ती के बाद प्रदेश के 80 प्रतिशत विवाह स्थलों में बुकिंग निरस्त हो गई है। विवाह समारोह से जुड़े अन्य व्यवसाय पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ऐसे हालात ने पहले से परेशान विवाह स्थल संचालक, टैंट डीलर्स और इससे जुड़े अन्य व्यपारियों की चिंता बढ़ा दी है।

By: Kamlesh Sharma

Updated: 16 Apr 2021, 02:54 PM IST

जयपुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते दायरे और राज्य सरकार की सख्ती के बाद प्रदेश के 80 प्रतिशत विवाह स्थलों में बुकिंग निरस्त हो गई है। विवाह समारोह से जुड़े अन्य व्यवसाय पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ऐसे हालात ने पहले से परेशान विवाह स्थल संचालक, टैंट डीलर्स और इससे जुड़े अन्य व्यपारियों की चिंता बढ़ा दी है।

उन्होंने परिवहन मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को इस मामले में पत्र लिखकर दखल देने की जरूरत जताई है। उन्होंने विवाह समारोह में आगंतुकों की संख्या 200 करने या ऐसे समारोह पर भी पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। राजस्थान टैंट डीलर्स किराया व्यवसाय समिति के चेयरमैन रवि जिंदल और अध्यक्ष रासबिहारी शर्मा का दावा है कि पिछले वर्ष विवाह समारोह से जुड़े व्यापारियों का करीब 5 हजार करोड़ रूपए का व्यपार प्रभावित व्यापार का आंकड़ा और बढ़ता जा रहा है।

वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े व्यापार
विवाह स्थल, टैंट, लाइट, जनरेटर, फ्लॉवर डेकोरेशन, घोड़ी, लवाजमा, बैंड, कैटरिंग, हलवाई, डीजे साउंड, वैले पार्किंग व अन्य।

यह है मांगें
-पिछले वर्ष मार्च से जुलाई तक वेंडिंग से जुड़ी इंडस्ट्री को 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

- इस वर्ष मई से जुलाई के बीच ही राज्य में करीब 6 हजार करोड़ रूपए का व्यापार होना संभावित था। लेकिन अब इसमें भी 80 प्रतिशत की बुकिंग निरस्त हो गई।

-यदि विवाह समारोह में वापस 200 व्यक्तियों की संख्या नहीं की जा सकती है तो ऐसे आयोजन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी जाए। इससे जब भी रोक हटेगी तब तो व्यापार होने की उम्मीद होगी।

- राज्य में करीब 3 लाख व्यापारी वेंडिंग इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। इस आधार पर 20 से 22 लाख लोग इस व्यापर पर आश्रिक हैं।

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