राजस्थान संकट : सुप्रीम कोर्ट का स्पीकर के फैसले पर रोक लगाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने बहुजन समाज पार्टी के विधायकों ( BSP MLA's ) के कांग्रेस में विलय ( Congress merger ) को मंजूरी ( Clearance ) देने के अध्यक्ष सी.पी. जोशी के फैसले ( Speaker's Decision ) पर रोक लगाने से ( To Stay ) गुरुवार को इनकार ( Refuse ) कर दिया। ( Jaipur News )

By: sanjay kaushik

Updated: 14 Aug 2020, 01:37 AM IST

-बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला
-सोमवार तक टली सुनवाई
-कहा, विधानसभा में हुआ कोई भी समझौता कोर्ट के आदेश पर होगा निर्भर

नई दिल्ली/जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने बहुजन समाज पार्टी के विधायकों ( BSP MLA's ) के कांग्रेस में विलय ( Congress merger ) को मंजूरी ( Clearance ) देने के अध्यक्ष सी.पी. जोशी के फैसले ( Speaker's Decision ) पर रोक लगाने से ( To Stay ) गुरुवार को इनकार ( Refuse ) कर दिया और मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। ( Jaipur News ) अदालत ने भारतीय जनता पार्टी विधायक मदन दिलावर की विशेष अनुमति याचिका पर कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। न्यायाधीश अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि राजस्थान विधानसभा के शुक्रवार से शुरू हो रहे सत्र के दौरान सदन में हुआ कोई भी समझौता अदालत के आदेश पर निर्भर होगा। खंडपीठ ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, दिलावर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और बसपा विधायकों में से एक की ओर से पेश डॉ. राजीव धवन की दलीलें सुनीं। बसपा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सतीशचंद्र मिश्रा ने एक अंतरिम आदेश की मांग की और कहा कि अगर इस तरह की चीजों की अनुमति दी जाती है तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान है। हालांकि, न्यायालय इस मामले पर सुनवाई करने के लिए इच्छुक नहीं थी, क्योंकि उसे अवगत कराया गया कि मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट में शुक्रवार को होनी है। इसके बाद उसने मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।

-हाईकोर्ट में आज भी जारी रहेगी सुनवाई

उधर, राजस्थान हाईकोर्ट में बहुजन समाज पार्टी टिकट पर जीते छह विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि अध्यक्ष ने केवल विधायकों के सदन में बैठने की व्यवस्था दी है, इसका मतलब यह नहीं है अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दी है। अध्यक्ष के पास कोई भी इस संबंध में पत्र देता है तो जब तक कोई कोई आपत्ति नहीं दे तब तक अध्यक्ष को केवल यही फैसला करना होता है। सिब्बल के बाद बसपा विधायक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने पक्ष रखा। न्यायालय का समय पूरा होने से इस मसले पर राजस्थान हाईकोर्ट में गुरुवार भी बहस अधूरी रही। अब हाईकोर्ट इस मामले पर शुक्रवार सुबह 10:30 बजे पहले केस में रूप सुनवाई करेगा।

-कोर्ट ने धवन पर ली चुटकी

राजीव धवन जब बसपा विधायक का पक्ष रख रहे थे तो किताबें और दस्तावेज लेने के लिए बायीं ओर झुक रहे थे। इस वजह से वे कैमरे से बाहर हो रहे थे इस पर न्यायाधीश गोयल ने चुटकी लेते हुए कहा कि मिस्टर धवन यह तकनीकि खामी है या फिर आप जानबूझकर कर रहे हैं। दरअसल मंगलवार को सुनवाई के दौरान का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें धवन सुनवाई के दौरान कागज की ओट में धूम्रपान करते हुए दिखाई दे रहे थे।

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