scriptRAJASTHAN ELECTRICITY GENERATION CORPORATION | राजस्थान में सस्ती बिजली उत्पादन की कवायद शुरू | Patrika News

राजस्थान में सस्ती बिजली उत्पादन की कवायद शुरू

प्रदेश में सस्ती बिजली उत्पादन (cheap electricity generation) की संभावनाओं को तलाशने की कवायद शुरू कर दी गई है। एसीएस एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने सोमवार को माइंस व एनर्जी विभाग (Rajasthan Electricity Generation Corporation) के आला अफसरों की बैठक लेकर प्रदेश में उपलब्ध खनिज संसाधनों का उपयोग विद्युत उत्पादन में करने के विकल्प तलाशने को कहा है।

जयपुर

Updated: November 15, 2021 08:32:27 pm

राजस्थान में सस्ती बिजली उत्पादन की कवायद शुरू
— एसीएस एनर्जी ने माइंस व एनर्जी विभाग के आला अफसरों की ली बैठक
— खनिज संसाधनों से विद्युत उत्पादन के विकल्प तलाशने के निर्देश

जयपुर। प्रदेश में सस्ती बिजली उत्पादन (cheap electricity generation) की संभावनाओं को तलाशने की कवायद शुरू कर दी गई है। एसीएस एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने सोमवार को माइंस व एनर्जी विभाग (Rajasthan Electricity Generation Corporation) के आला अफसरों की बैठक लेकर प्रदेश में उपलब्ध खनिज संसाधनों का उपयोग विद्युत उत्पादन में करने के विकल्प तलाशने को कहा है।
राजस्थान में सस्ती बिजली उत्पादन की कवायद शुरू
राजस्थान में सस्ती बिजली उत्पादन की कवायद शुरू
एसीएस ने सचिवालय में डिस्कॉम चेयरमैन भास्कर ए सांवत, सीएमडी विद्युत उत्पादन निगम आरके शर्मा, संयुक्त सचिव एनर्जी आलोक रंजन व माइंस राजेन्द्र मक्कड, उपसचिव नीतू बारुपाल, विद्युत उत्पादन निगम के निदेशक पीएस सक्सैना सहित अन्य अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। इसमें प्रदेश में सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए। बैठक में एमडी आरएसएमएम ओम कसेरा ने उदयपुर से वर्चुअल जुड़े।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राज्य में उपलब्ध लिग्नाइट का उपयोग प्रदेश में लिग्नाइट आधारित विद्युत गृहों के लिए करने के साथ ही नए विद्युत गृह लगाने या नई इकाइयां लगाने या विद्युत उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं को देखा जाएगा। लिग्नाइट का खनन और उससे विद्युत उत्पादन एक ही संस्था के पास होने से विद्युत लागत में प्रति यूनिट सेस की बचत भी होने से लागत कम आने के साथ ही विद्युत निर्भरता भी कम होगी। पिछले दिनों विद्युत संकट को देखते हुए इस दिशा में कार्य किया जाना आवश्यक हो गया है। इस संबंध में आरंभिक एक्सरसाइज अगले दो तीन दिन में ही करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने निर्देश दिए कि राज्य में विभिन्न स्रोतों से निजी व राजकीय उपक्रमों को आवंटित लिग्नाइट माइंस, इनमें से उत्पादन कर रही माइंस, उपलब्ध लिग्नाइट भण्डार, अनुत्पादक माइंस, माइंस आवंटन की शर्तों के अनुसार लिग्नाइट उपलब्ध कराने या विद्युत उत्पादन इकाई लगाकर विद्युत उत्पादन करने आदि आवंटन की शर्तों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि उपलब्ध खनिज संपदा का उपयोग प्रदेश में कम लागत की विद्युत उत्पादन क्षमता विकसित करने में किया जा सके। इस दौरान डिस्कॉम अध्यक्ष भास्कर ए सांवत ने विद्युत आवश्यकता व उपलब्धता की जानकारी दी।

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