तीन श्रेणियों में हो सकती है किसानों की कर्जमाफी, सहकारिता विभाग जुटा मशक्कत में, सीएम कर सकते हैं ऐलान!

किसान कर्जमाफी से सीधे जुड़े सहकारिता विभाग के अफसरों ने कर्जमाफी से जुडे आंकडे तैयार किए हैं और तीन श्रेणियों मे कर्जमाफी का फार्मूला सरकार को दिया है...

By: dinesh

Published: 18 Dec 2018, 03:45 PM IST

जयपुर।

प्रदेश में 58.86 लाख किसानों के 99 हजार करोड रुपए की कर्जमाफी को लेकर सरकार, वित्त विभाग और सहकारिता विभाग असमंजस में चल रहे है। सूत्रों के अनुसार कर्जमाफी पर आने वाले पहाड जैसे वित्तीय भार को देख कर नई सरकार और अफसरों को पसीने आ रहे हैं। उधर किसान कर्जमाफी से सीधे जुड़े सहकारिता विभाग के अफसरों ने कर्जमाफी से जुडे आंकडे तैयार किए हैं और बताया जा रहा है कि तीन श्रेणियों मे कर्जमाफी का फार्मूला सरकार को दिया है। अब सहकारिता विभाग के अफसरों का कहना है कि अब यह सरकार पर निर्भर करेगा कि सरकार किस श्रेणी का कर्ज वित्तीय संसाधनों के हिसाब से माफ करती है। उधर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री Ashok Gehlot मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ की तर्ज पर किसानों की कर्जमाफी का ऐलान कर सकते हैं।

 

सहकारिता विभाग ने बनाई श्रेणियां, देखे जाएंगे वित्तीय संसाधन
सहकारिता विभाग के अफसरों की माने तो 58.86 लाख किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी होनी है। विभाग के अफसर अब श्रेणीवार सरकार को कर्जमाफी के बाद आने वाले खर्च का आंकलन तैयार करने में जुटे है। सूत्रों के अनुसार 50 हजार, 1.50 लाख और फिर 3 लाख तक की तीन श्रेणियां बनाई है। विभाग के अफसर श्रेणीवार खर्च का आंकलन तैयार करने में जुटे हैं और इसे सरकार को दिया जाएगा।

 

अफसरों का कहना है कि अब निर्णय सरकार को करना है कि सरकार सम्पूर्ण कर्जमाफी करती है या फिर किसी श्रेणी के ही किसानों का कर्जमाफ करती है। ऐसे हैं कर्जदार सहकारिता विभाग के अफसरों की माने तो 50 हजार रुपए तक के रिणधारी किसानों की संख्या 16 लाख,50 हजार से 1.50 लाख तक के रिणधारी किसानों की सख्ंया 8 लाख और इससे उपर 3 लाख तक के रिणधारी किसानों की संख्या 1 लाख से उपर है। विभाग के अफसरों का कहना है। इस हिसाब से रिणधारी किसानों की संख्या लगभग 25 लाख है। भाजपा सरकार में जिन 30 लाख किसानों के 50 हजार रुपए तक के रिण माफ किए थे उनकी संख्या इसमें शामिल नहीं है। 25 लाख की कर्जमाफी पर आएगा 12 करोड का खर्च सहकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगर सरकार इन तीन श्रेणियों में अगर किसानो का कर्जमाफ करती है तो सरकार पर 12 हजार करोड रुपए का वित्तीय भार आएगा। अगर जिन 30 लाख किसानों का 50 हजार रुपए तक का भी कर्जा माफ हो चुका है उनको भी अगर सरकार शामिल करती है तो कर्जमाफी पर करीब 99 हजार रुपए का भार आएगा।

 

मुख्य सचिव से की मंत्रणा
सूत्रों की माने तो मुख्य सचिव डीबी गुप्ता आज सुबह मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री गहलोत को किसानों की कर्जमाफी संबधी सभी तथ्यों और वित्तीय संसाधनों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज सुबह 8 सिविल लाइंस भी पहुंचे और वहां का जायजा लिया।

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