पद्मावती विवाद में कूदे शशि थरूर, बोले- फिल्म की बजाय राजस्थानी महिलाओं की शिक्षा पर दें ध्यान

santosh trivedi

Publish: Nov, 14 2017 01:40:46 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
पद्मावती विवाद में कूदे शशि थरूर, बोले- फिल्म की बजाय राजस्थानी महिलाओं की शिक्षा पर दें ध्यान

फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती की आलोचना करने वाले लोगों पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने निशाना साधा है।

जयपुर। फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती की आलोचना करने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि फिल्म पर विवाद राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने का एक मौका है और शिक्षा घूंघट या सिर पर पर्दे से ज्यादा महत्वपूर्ण है। थरूर ने ट्वीट कर कहा कि पद्मावती विवाद आज राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का एक मौका है न कि छह शताब्दी पुरानी महारानियों पर ध्यान केंद्रित करने का।

 

फिल्म पद्मावती 1 दिसंबर को रिलीज हो रही है। फिल्म के विषय के कारण कुछ समूह इसका विरोध कर रहे हैं। खासकर राजपूत मुख्य रूप से दावा कर रहे हैं कि फिल्म इतिहास को बिगाड़ रही है और रानी पद्मावती का गलत चित्रण कर रही है, जबकि भंसाली ने इससे इनकार किया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह को एक पत्र में केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) सलाहकार समिति के सदस्य और भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने कहा है कि भंसाली को देशद्राेह के लिए दंडित किया जाना चाहिए।

 

फिल्म पद्मावती के विरोध के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया या आवश्यक कदम नहीं उठाए जाने से सर्व समाज में रोष व्याप्त है। इसको लेकर अब सर्व समाज एकजुट नजर आ रहा है। इस संदर्भ में 19 नवंबर को दिल्ली स्थित तालकटोरा इंडोर स्टेडियम परिसर में आखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के आह्वान पर फिल्म रिलीज का विरोध किया जाएगा। इस आयोजन में राजस्थान से हजारों लोग हिस्सा लेंगे। इनमें सर्व समाज के अलावा क्षत्रिय समाज के लोग भी शामिल होंगे।

 

पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में बुनकर संघ के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम सिंह तंवर ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक देशभर में सैकड़ों विरोध प्रदर्शन फिल्म को लेकर जारी है, लेकिन ना तो राज्य सरकार ने ही कोई ठोस कदम उठाया है ना ही केंद्र सरकार। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राजस्थान के संयोजक महेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि फिल्म के जरिए ना केवल इतिहास के साथ छेड़छाड़ है, बल्कि देश के युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रही महारानी पद्मावती के चरित्र पर लांछन लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

राजपूत सभा के सहमंत्री विक्रम सिंह ने कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास पैसा कमाने के लिए किया जा रहा है जो कि बर्दाश्त नहीं होगा। सर्व समाज का आंदोलन इसके लिए जारी रहेगा। भवानी निकेतन शिक्षा समिति के कोषाध्यक्ष जालिम सिंह हुडील ने कहा कि अब तक फिल्म के ट्रेलर और दो गाने सामने आए हैं और इनमें जिस तरह से पद्मावती के चरित्र का चित्रण किया है वह बेहद अपमानजनक है। स्टेट हज कमेटी के पूर्व सदस्य एडवोकेट गुलाम निजामुद्दीन ने कहा कि मुस्लिम समाज में इस फिल्म को लेकर आक्रोश है। राजस्थान प्रदेश वैश्य महासभा, खंडेलवाल वैश्य समाज, अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासभा, अग्रवाल महासभा, अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ सहित कई संगठनों ने एकजुट होकर विरोध करने की बात कही है।

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