कोरोना रोकथाम के लिए क्या ​कर रही है सरकार, पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही किस तरह शुरू होती है कार्रवाई, जानें पूरी डिटेल...

कोरोना महामारी ( Coronavirus In Rajasthan ) ने राजस्थान को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। हालांकि इस बीमारी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ( Rajasthan Government ) काफी प्रयास कर रही है। आइए जानते हैं कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार किस तरह काम कर रही है और सरकार और उच्च अधिकारी क्या दावे कर रहे हैं।

By: abdul bari

Published: 18 Apr 2020, 05:32 PM IST

जयपुर
कोरोना महामारी ( Coronavirus In Rajasthan ) ने राजस्थान को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। हालांकि इस बीमारी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ( Rajasthan Government ) काफी प्रयास कर रही है। आइए जानते हैं कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार किस तरह काम कर रही है और सरकार और उच्च अधिकारी क्या दावे कर रहे हैं।

कंटेनमेंट प्लान के तहत कार्यवाही ( COVID-19 )

इस मामले में प्रदेश का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार कोरोना के प्रारम्भिक पॉजिटिव मिलने के तुरंत बाद से ही कंटेनमेंट प्लान के तहत कार्यवाही कर रहा है।

एक किलोमीटर की परिधी में कर्फ्यू... ( Coronavirus In Jaipur )

जब किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है तो रोगी के घर के एक किलोमीटर की परिधी में कर्फ्यू लगाया जाता है एवं तीन किलोमीटर परिधी तक कंटेनमेंट जोन तथा पांच किलोमीटर तक बफर जोन बनाकर सर्वेक्षण का कार्य किया जाता है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया


निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ के के शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला सामने आते ही रोकथाम के लिये कांटेक्ट ट्रेसिंग एवं प्रभावित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया स्कीनिंग का कार्य करने हेतु एएनएम,आशा कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सघन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के उपरांत स्वास्थ्य विभाग की यह टीमें दो मार्च को पहला मामला आने के तत्काल बाद से ही निरंतर प्रभावित क्षेत्रों में घर घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है।

संदिग्धों की पहचान के लिए इस तरह काम करती है टीम


डॉ शर्मा ने बताया कि संदिग्ध रोगियों की पहचान के लिये घर घर सर्वे कर एक्टिव सर्विलेंस एवं चिकित्सा संस्थानों पर पहचान हेतु पेसिव सर्विलेंस की जा रही है प्रदेश की जनसंख्या लगभग साढे सात करोड है एवं सर्वेक्षण कार्य में 2 करोड 19 लाख से अधिक घरों में जाकर लगभग 9 करोड 86 लाख से अधिक व्यक्तियों की स्कीनिंग की जा चुकी है। भीलवाडा सहित कई अन्य प्रभावित क्षेत्रों में तो प्रत्येक घर की एक से अधिक बार भी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस समय प्रदेश में 26 हजार से अधिक चिकित्सा दलों द्वारा स्क्रीनिंग की जा रही है, स्क्रीनिंग के दौरान अब तक 7 लाख 94 हजार 383 आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) के रोगियों को चिन्हित कर उनके उपचार की व्यवस्था भी की गई है।

गाइडलाइन के अनुसार क्वारेटाइन की व्यवस्था

डॉ शर्मा ने बताया कि कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में सेम्पल एकत्रित करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की समुचित सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार क्वारेटाइन की व्यवस्था की गई है। क्वारंटाइन सेंटर्स पर निर्धारित दूरी पर बेड की व्यवस्था के साथ ही दिशानिर्देशों के अनुसार अन्य सभी आवश्यक व्यवस्था की गई है। इस समय कुल क्वेरांइटन के कुल एक लाख 7 हजार 763 बेड, आइसोलेशन के 22 हजार 277 बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।

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