7 दिन, 3 एजेंसियां, 15 से ज्यादा रेड लेकिन नतीजा — 0

rajasthan government latest update... पुलिस अफसरों का यही कहना है कि इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है कि एक साथ किसी केस की कई एजेंसियां जांच कर रही हैं। एसओजी की मानें तो उन्हें पता है कि मानेसर में विधायक कहां है इसकी पुख्ता सूचना है। अब दूसरी टीम विधायकों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

By: JAYANT SHARMA

Published: 24 Jul 2020, 11:28 AM IST

जयपुर
राजस्थान में सीएम गहलोत पक्ष और दिल्ली—हरियाणा में पायलेट खेमा...। दोनो अपने—अपने दांव खेल रहे हैं। आज कोर्ट से भी बड़े फैसले आने की तैयारी है। लेकिन इस बीच राजस्थान में संभवत: यह पहली बार हुआ है कि पुलिस की शीर्ष एजेंसियां एक साथ किसी केस में लगे और उसके बाद भी मन मुताबिक परिणाम नहीं आ सके। पुलिस अफसरों का यही कहना है कि इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है कि एक साथ किसी केस की कई एजेंसियां जांच कर रही हैं। एसओजी की मानें तो उन्हें पता है कि मानेसर में विधायक कहां है इसकी पुख्ता सूचना है। अब दूसरी टीम विधायकों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।


दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में ये हुआ पिछले दिनों में
दिल्ली और हरियाणा में विधायकों को तलाश रही एसओजी टीम हरियाणा पुलिस की दीवार नहीं लांघ सकी है। एसओजी की टीमें दोनो राज्यों में सात दिन के दौरान करीब पंद्रह रेड कर चुकी है लेकिन कुछ होटल स्टाफ के बयान से ही उनको अभी तक संतुष्ट रहना पड रहा है। विधायकों की सुरक्षा में लगे बाउंसर्स और पुलिस से एसओजी की टीमें पार नहीं पा सकी हैं। ये हालत तो तब हैं जब राजस्थान पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली पुलिस के शीर्ष अफसरों को पत्र लिखकर मदद की मांग की है। लेकिन सरकारों की इस लड़ाई के बीच पुलिस भी बैक फुट पर बनी हुई है और अपने मुखियाओं के आदेश मान रही है। राजस्थान की बात करें तो राजस्थान में एसीबी ने जरुर तीन दलालों को धरा है। उनसे कई नेताओ के बारे में जानकारी मिली है। लेकिन यहां भी हालता वही हैं। नेताओं को नोटिस पर नोटिस भेजे जा रहे हैं पूछताछ के लिए लेकिन बयान दर्ज करना तो दूर बात तक नहीं हो पा रही है।


आज ये एक्शन लेगी एसओजी, एटीएस और एसीबी
टेप कांड के बाद हुए बवाल के मुख्य आरोपी माने जा रहे संजय जैन को लेकर आज एसओजी कोर्ट में पेशी करेगी। कोर्ट में पेश करने के बाद अब एसओजी को अब जैन की रिमांड शायद ही मिल सकेगी। जैन से दो बार रिमांड पर लेकर छह दिन तक पूछताछ हो चुकी है। संभव है कि आज की पेशी के बार जैन को जेल भेज दिया जाएगा। उधर इस मामले में एसीबी में भी मामला दर्ज कराया गया है तो उसके बाद जैन को एसीबी रिमांड पर लेने की तैयारी करेगी और पूछताछ के लिए कोर्ट की शरण में जाएगी। वहीं पूर्व में गिरफ्तार हुए कथित भाजपा नेता अशोक सिंह चौहान एवं भरत मालानी पहले ही जेल में हैं। उनसे पूछताछ के बाद एसओजी ने कुछ नेताओं समेत पांच को नोटिस भेजा था। लेकिन नोटिस सर्व होने के बाद अभी तक सिर्फ एक व्यक्ति एसओजी के पास पहुंचा है। मनोहर त्रिवेदी नाम का जो व्यक्ति एसओजी के पास बयान दर्ज कराने पहुंचा था उसे बयान दर्ज कराने के बाद वापस भेज दिया गया। अब उससे मिले सबूतों के बाद केस और आगे बढ़ेगा। उधर विधायक विश्वेन्द्र सिंह और भंवर लाल शर्मा को भी एसीबी ने पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। जिसकी तीन दिन की मियाद गुरवार को खत्म हो गई। आज फिर से दोनो को नोटिस जारी करने की एसीबी तैयारी कर रही है। बांसवाड़ा के भाजपा नेता करणी सिंह को बुधवार तक एसओजी मुख्यालय में पेश होने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन करणी सिंह नहीं आए। अब एसओजी ने करणी सिंह को पुन: अल्टीमेटम नोटिस जारी किया है। इस बार भी करणी सिंह नहीं आए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी

JAYANT SHARMA Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned