प्रशासन शहरों के संग अभियान में तकनीकी पेंच में फंसी कॉलोनियों पर रहेगा फोकस

—कैबिनेट में निर्णय करके पट्टों की राह होगी आसान
—जुलाई तक सभी प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट को भेजे जाएंगे

By: Umesh Sharma

Published: 13 Apr 2021, 08:51 PM IST

जयपुर।

प्रशाासन शहरों के संग अभियान को लेकर निकायों ने काम तेज कर दिया है। अभियान के तहत इस बार ऐसे मामलों पर फोकस किया गया है, जिनमें बरसों से लोगों को पट्टों का इंतजार है। सरकार का का मानना है कि तकनीकी पेंच में बरसों से उलझे मामलों में कैबिनेट स्तर पर निर्णय लेकर पट्टा लेने की राह आसान की जाए। इस तरह के सभी मामलों पर नीतिगत निर्णय लेकर जुलाई तक प्रस्ताव कैबिनेट को भेज दिए जाएंगे।

सरकार ने अभियान में स्टेट ग्रांट और पुरानी आबादी के 7 लाख पट्टे देने का लक्ष्य रखा है। वहीं कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के 2 लाख, कच्ची बस्ती के 50 हजार और अन्य मामलों के 50 हजार पट्टे देने की तैयारी भी अभियान में की जा रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय चले प्रशासन शहरों के संग अभियान में 3 लाख पट्टे दिए गए थे, लेकिन इस बार अभियान में यह पट्टों का दायरीा बढ़ाकर 10 लाख किया गया है। वैसे तो अभियान 2 अक्टूबर से शुरू होकर 31 मार्च, 2022 तक चलेगा। लेकिन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के स्तर पर इसकी अवधि को बढ़ाया जा सकता है।

इन मामलों पर रहेगा फोकस

यूडीएच ने तकनीकी पेंच में फंसे कई मामलों में पट्टे देने का लक्ष्य रखा है। इसमें भू—राजस्व अधिनयम की धारा 91 तहत स्वप्रेरणा से कार्रवाई करके पट्टे दिए जाएंगे, जिसमें शहरों की पुरानी बसावट वाला इलाका शामिल है। मंदिर माफी की जमीनों पर बसी कॉलोनियों के नियमन से जो पैसा मिलेगा, उसका कुछ हिस्सा देवस्थान विभाग को देकर नियमन का फैसला किया जा सकता है। इसी तरह लघु अवधि वाले किराएदारों को उनकी किराए की संपत्ति का 99 साल का पट्टा, शहरी क्षेत्र में शामिल हुए ग्रामीण पट्टों को निकायों को सर्मिपत कर निशुल्क पट्टा जारी किया जा सकता है। एक लाख से कम आबादी वाले क्षेत्र जहां जोनल डवलपेमेंट प्लान नहीं है, उनके पट्टे जारी किए जाएंगे। साथ ही एक लाख से ज्यादा आबादी वाले क्षेत्रों में जोनल डवलपेमेंट प्लान के तहत पट्टे दिए जाएंगे।

निकायों को होगी 5 हजार करोड़ रुपए की आय

अभियान में निकायों को 5 हजार करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है। साथ ही ड्रोन सर्वे व अन्य कार्यों के लिए 100 करोड़ सरकार को खर्च करने होंगे। प्रदेश में 2011 के सर्वे के अनुसार 47 लाख 74 हजार 309 आवासन है। वर्तमान में इन आवासें की संख्या 55 लाख है। इनमें करीब 10 लाख लोगों को पट्टे का इंतजार है। प्रदेश में 14 यूआईटी, 3 विकास प्राधिकरण, 10 नगर निगम और 196 नगर परिषद और नगरपालिका में बांटे जाएंगे।

Umesh Sharma Reporting
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