राजस्थान सरकार का कोई भूखा न सोए संकल्प

कोरोना महामारी ( Corona epidemic ) के दौर में राजस्थान ( Rajasthan ) आरम्भ से ही कोई भूखा न सोए के संकल्प को लेकर चल रहा हैं और इसे पूरा कर रहे है। इस संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रदेश में 20 अगस्त से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को पूरे सम्मान और सेवाभाव के साथ मात्र 8 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध करवाने के लिए इंदिरा रसोई ( Indira Rasoi ) की शुरुआत की गई।

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 17 Oct 2020, 10:35 AM IST

जयपुर। कोरोना महामारी के दौर में राजस्थान आरम्भ से ही 'कोई भूखा न सोएÓ के संकल्प को लेकर चल रहा हैं और इसे पूरा कर रहे है। इस संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रदेश में 20 अगस्त से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को पूरे सम्मान और सेवाभाव के साथ मात्र 8 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध करवाने के लिए 'इंदिरा रसोईÓ की शुरुआत की गई।
विश्व खाद्य दिवस 2020 के अवसर पर विभाग ने वितरण संबंधी ब्यौरा भी जारी किया है जो सभी शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से 1,33,500 होने का अनुमान है। विभाग ने अब तक के कुल वितरण के आंकड़े भी साझा किए हैं, जो कि 50,30,853 हैं। योजना पर प्रथम वर्ष के लिए लगभग 95 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है। इस योजना से प्रति दिन 1.34 लाख लोग लाभान्वित होंगे और राज्य के विभिन्न शहरों में 358 वितरण केंद्रों के साथ कुल 4.87 करोड़ लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को राज्य सरकार 8 रुपए के किफायती मूल्य पर भोजन उपलब्ध करा रही है। इसमें राज्य सरकार प्रति थाली 12 रुपए की सब्सिडी वहन कर रही है। कोविड-19 का मुकाबला करते हुए राजस्थान सरकार ने 'कोई भूखा ना सोएÓ के उद्देश्य के साथ अगस्त महीने में इंदिरा रसोई योजना की शुरुआत की थी। प्रदेश में कुपोषण और भूख को मिटाने के मकसद के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी 76 वीं जयंती पर इस योजना को लॉन्च किया था।

Narendra Kumar Solanki Desk
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