बसपा विधायकों के विलय का मामला: हाईकोर्ट ने स्पीकर को भेजा मामला, 3 माह में फैसला देने का आदेश

कोर्ट ने बसपा को इस संबध में विधानसभा अध्यक्ष के सामने याचिका दायर करने के लिए कहा है।

By: JAYANT SHARMA

Updated: 24 Aug 2020, 12:57 PM IST

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिका निस्तारित कर दिया है। न्यायाधीश महेन्द्र मुमार गोयल की एकलपीठ ने कहा कि इस संबध में अंतिम फैसला विधानसभा अध्यक्ष ही करेंगे। कोर्ट ने बसपा को इस संबध में विधानसभा अध्यक्ष के सामने याचिका दायर करने के लिए कहा है। वहीं भाजपा विधायक मदन दिलावर की सोलह सितंबर 2019 की याचिका पर मैरिट के आधार पर सुनवाई कर फैसला करने के निर्देश दिए हैं।

इन बिंदुओं से समझे कब-कब क्या हुआ...
करीब एक साल से चल रहे इस पूरे मामले में तब से अब तक क्या-क्या हुआ इन आसान बिंदुओं से समझा जा सकता है। इस पूरे मामले को लेकर - 16 सितंबर 2019 को बसपा विधायकों ने स्पीकर को कांग्रेस में शामिल होने की अर्जी दी। फिर - 18 सितंबर 2019 को स्पीकर ने बसपा विधायकों को कांग्रेस में शामिल किया। उसके बाद - 16 मार्च 2020 को मदन दिलावर ने स्पीकर के समक्ष शिकायत याचिका पेश की। फिर - 22 जुलाई 2020 को स्पीकर ने तकनीकी आधार पर दिलावर की याचिका को खारिज किया। दो दिन बाद — 24 जुलाई 2020 को भाजपा विधायक मदन दिलावर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, स्पीकर द्वारा कार्यवाही नही करने को चुनौती दी।

उसके बाद — 27 जुलाई 2020 को राजस्थान हाईकोर्ट ने मदन दिलावर की याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए खारिज कर दिया। अगले ही दिन - 28 जुलाई 2020 को भाजपा विधायक मदन दिलावर ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उसके अगले दिन यानि —29 जुलाई 2020 को बसपा पार्टी की ओर से विलय को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गयी। फिर - 30 जुलाई 2020 को राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने दोनो याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किए, सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख तय की। उसके बाद — 04 अगस्त 2020 को बसपा और मदन दिलावर ने हाईकोर्ट की खण्डपीठ में अपील पेश की, अपील में विलय को रद्द करने और वोटिंग पर स्टे देने की मांग की। अगले ही दिन यानि - 5 अगस्त 2020 को बसपा और दिलावर की अपील पर मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ ने स्पीकर को नोटिस जारी करते हुए 6 अगस्त को सुबह 10.30 बजे जवाब देने को कहा। लेकिन - 6 अगस्त 2020 को खंडपीठ ने अपील निस्तारित करते हुए विधायकों पर नोटिस तामील कराने की व्यवस्था करते हुए...एकलपीठ को स्टे एप्लीकेशन तय करने को कहा। उसके बाद - 11 अगस्त 2020 को राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ में सुनवाई शुरू हुई। दो दिन बाद — 13 अगस्त 2020 को राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ में पुरे दिन सुनवाई हुई। फिर अगले दिन — 14 अगस्त 2020 को दोपहर 3 बजे हाईकोर्ट की एकलपीठ में बहस पूर्ण होने पर फैसला लिखवाना शुरू किया, न्यायालय समय समाप्त होने पर फैसले के लिए 17 अगस्त की तारीख तय की। — 17 अगस्त 2020 को कोरोना संक्रमण के चलते राजस्थान हाईकोर्ट में कार्य स्थगित रहा। उसके बाद आज — 24 अगस्त 2020 को हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के जरिए फैसला सुनाया।

उधर राजस्थान हाईकोर्ट के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी बसपा के 6 विधायकाें के कांग्रेस में विलय मामले पर आज ही सुनवाई होगी। बसपा और मदन दिलावर के अधिवक्ताओं ने 17 अगस्त को राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा फैसला लिखाये जाने का हवाला देते हुए सुनवाई टालने का आग्रह किया था,जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 24 अगस्त तक टाल दी थी। गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने बहस पूरी होने के बाद पक्षकारों से लिखित बहस या अन्य कोई दस्तावेज पेश करने के लिए कहा था। साथ ही स्पीकर से आग्रह किया था कि जब तक अदालत का फैसला नहीं आ जाए तब तक वे इस मामले में विजय सिंह की शिकायत अर्जी को तय नहीं करें

JAYANT SHARMA Desk
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