केंद्र के गेहूं से वाहवाही लूटेगी राजस्थान सरकार

आत्मनिर्भर योजना के तहत केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए अपने अन्न भंडार खोल दिए हैं। राजस्थान सरकार इस भंडार से मिलने वाला निशुल्क गेहूं 37 श्रेणियों के नॉन एनएफएसए के 52 लाख लाभार्थियों को बांटकर वाहवाही लूटने जा रही है। 15 जूनसे दो महीने का गेहूं और साबूत चना उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा 16 लाख प्रवासियों को भी गेहूं और साबूत चना वितरित किया जाएगा।

By: Umesh Sharma

Published: 14 Jun 2020, 02:02 PM IST

जयपुर।

आत्मनिर्भर योजना के तहत केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए अपने अन्न भंडार खोल दिए हैं। राजस्थान सरकार इस भंडार से मिलने वाला निशुल्क गेहूं 37 श्रेणियों के नॉन एनएफएसए के 52 लाख लाभार्थियों को बांटकर वाहवाही लूटने जा रही है। 15 जूनसे दो महीने का गेहूं और साबूत चना उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा 16 लाख प्रवासियों को भी गेहूं और साबूत चना वितरित किया जाएगा।

दरअसल केंद्र सरकार ने प्रवासियों के लिए राजस्थान में एनएफएसए के कुल लाभार्थियों की संख्या का 10 फीसदी निशुल्क गेहूं दिया हैं। राजस्थान में 4.46 करोड़ यूनिट एनएफएसए में शामिल हैं। इसका 10 फीसदी 44.46 लाख यूनिट का गेहूं केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को दो माह का निशुल्क उपलब्ध कराया हैं, जबकि राजस्थान में प्रवासियों की संख्या करीब 16 लाख ही है। ऐसे में शेष गेहूं को 37 श्रेणियों के नॉन एनएफएसए के लाभार्थियों को बांटकर सरकार वाहवाही लूटेगी। हर वार्ड में करीब 2 से 3 राशन की दुकानें चिन्हित की गई हैं, जिन पर प्रवासियों और विशेष श्रेणी के परिवारों को गेहूं—साबुत चना मिलेगा।

52 की जगह 24 लाख के लिए ही खरीदना होगा गेहूं

प्रदेश में 37 श्रेणियों के नॉन एनएफएसए के लाभार्थियों की संख्या करीब 52 लाख है। केंद्र की ओर से 44.46 लाख टन गेहूं उपलब्ध करवाया गया है। प्रवासियों को गेहूं बांटने के बाद करीब 28 लाख टन से ज्यादा गेहूं सरकार के पास बच जाएगा। ऐसे में सरकार को केवल 24 लाख टन गेहूं विशेष श्रेणियों के नॉन एनएपएसए लाभार्थियों के लिए बाजार भाव से खरीदना होगा। इस पर करीब 62 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सरकार इन लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति के हिसाब से दो महीने का 10 किलो गेहूं और प्रति परिवार दो किलो चने की दाल उपलब्ध कराएगी।

गड़बड़ी रोकेगी सरकार, निगरानी में होगा वितरण

गेहूं और चना के वितरण में कोई गड़बड़ी नहीं हो, इसकी पूरी निगरानी रखी जाएगी। शहरों में चिन्हित दुकानों पर तो ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक-एक दुकान पर गेहूं और चना का वितरण किया जाएगा। इसके लिए निगरानी कमेटियां गठित की गई हैं। कमेटी के सदस्यों की ओर से गेहूं वितरण की प्रक्रिया से संबंधित सूचना फाेन पर दी जाएगी। चयनित प्रवासी लाभार्थी को आधार व जन आधार कार्ड के आधार पर गेहूं का वितरण किया जाएगा। राशन डिपो पर पोस मशीन में लाभार्थी का आधार या जन आधार कार्ड नंबर फीड करने पर ओटीपी प्राप्त होगा। इसी आधार पर गेहूं का आवंटन किया जाएगा। अगर प्रवासी का आधार, जन आधार नंबर में दर्ज मोबाइल नंबर बदल गया है तो मौके पर ई-मित्र पर अपना नया मोबाइल नंबर अपडेट करवाकर ओटीपी से ही राशन दिया जाएगा।

Umesh Sharma Reporting
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