scriptRajasthan has the highest internet shutdown after Kashmir and UP | कश्मीर और यूपी के बाद राजस्थान में सबसे ज्यादा इंटरनेट बंद | Patrika News

कश्मीर और यूपी के बाद राजस्थान में सबसे ज्यादा इंटरनेट बंद

पिछले महीने करौली में साम्प्रदायिक तनाव के बाद वहां मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। दो दिन पहले जोधपुर में और गुरुवार को भीलवाड़ा में नेटबंदी हुई। तीन अलग-अलग जिलों में प्रदेश की यह पहली नेटबंदी है। वर्ष 2021 में ग्राम सेवक, पटवारी, आरएएस, रीट, सब इंस्पेक्टर परीक्षा सहित अन्य कारण से 6 बार पूरे प्रदेश में इंटरनेट बंद रहा था।

जयपुर

Published: May 06, 2022 08:40:55 pm

जोधपुर.

पिछले महीने करौली में साम्प्रदायिक तनाव के बाद वहां मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। दो दिन पहले जोधपुर में और गुरुवार को भीलवाड़ा में नेटबंदी हुई। तीन अलग-अलग जिलों में प्रदेश की यह पहली नेटबंदी है। वर्ष 2021 में ग्राम सेवक, पटवारी, आरएएस, रीट, सब इंस्पेक्टर परीक्षा सहित अन्य कारण से 6 बार पूरे प्रदेश में इंटरनेट बंद रहा था।
पूरे देश में इंटरनेट बंद करने के मामले में राजस्थान तीसरे स्थान पर है। सर्वाधिक नेट बंदी से व्यापारियों,विद्यार्थियों और आम लोगों के साथ-साथ सेल्यूलर कम्पनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक घण्टे नेटबंदी से सेल्यूलर कम्पनी को करीब 2.50 करोड़ का नुकसान होता है।
Mobile internet service -
Mobile internet service
इंटरनेट बंदी से 200 करोड़ का नुकसान
राजस्थान में 2021 में 6 बार इंटरनेट शटडाउन हुआ है। प्रदेश में इस साल की पहली नेटबंदी, इंटरनेट बंद करने में राजस्थान तीसरे स्थान पर आया था। 8920 घण्टे इंटरनेट बंद रहा था। देश में गत वर्ष 103 करोड़ भारतीय लोग प्रभावित 182 में से 106 बार इंटरनेट शटडाउन भारत में गत वर्ष 200 करोड़ का नुकसान नेटबंदी से हुआ है।
182 में से 106 शटडाउन भारत में
गैर सरकारी संगठन एक्सेस नाऊ की ओर से इंटरनेट शटडाउन पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल पूरी दुनिया में 182 बार इंटरनेट बंद किया गया, जिसमें सर्वाधिक 106 बार भारत में बंद हुआ। भारत में सबसे अधिक 85 बार जम्मू कश्मीर में नेटबंदी हुई। इसके बाद उत्तरप्रदेश में जहां करीब दस बाद नेट बंद हुआ। तीसरे स्थान पर राजस्थान और चौथे स्थान पर महाराष्ट्र है।

क्या कहता है कानून

● पिछले वर्ष अनुराधा भसीन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट की आसान उपलब्धता को मौलिक अधिकार माना था।

● वर्ष 2021 में ही शशि थरुर की अध्यक्षता में संसदीय समिति ने भी बार-बार नेटबंदी पर चिंता जताई और अन्य विकल्प तलाशने का सुझाव दिया।

देश में बार-बार क्यों होती है नेटबंदी

● कानून व्यवस्था

● सुरक्षा कारण, साम्प्रदायिक उन्माद रोकना

● परीक्षा में नकल रोकना

कैसे होते हैं प्रभावित

● ऑनलाइन ट्रांजेक्शन

● पढ़ाई
● बैंकिंग

● सोशियल डिसकनेक्टिंग

● मानसिक अवसाद

टोरशा एनएलयू जोधपुर की स्टूडेंट है। वर्तमान में इंटरन्यूज एनजीओ के साथ इंटरनेट शटडाउन पर रिसर्च कर रही है। टोरशा कहती हैं कि पूरे देश में इंटरनेट शटडाउन होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर वर्ग प्रभावित होता है। राजस्थान में तो परीक्षाओं के चलते नेटबंदी जैसे परंपरा बन गई है।
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Anand Mani Tripathi

आनंद मणि त्रिपाठी राजस्थान पत्रिका में राजनीति, अपराध, विदेश, रक्षा एवं सामरिक मामलों के पत्रकार हैं। पत्रकारिता के तीनों माध्यम प्रिंट, टीवी और आनलाइन में गहरा और अपनी तेज तर्रार रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के कानपुर और बस्ती में हुई। माध्यमिक शिक्षा नवोदय विद्यालय बस्ती, फैजाबाद और पूर्वोत्तर त्रिपुरा के धलाई जिले में हुई। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय से स्नातक और 2009 में जेआईआईएमसी,दिल्ली से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया। हरियाणा से पत्रकारिता आरंभ की। शिक्षा, विज्ञान, मौसम, रेलवे, प्रशासन, कृषि विभाग और मंत्रालय की रिपोर्टिंग की। इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग से शिक्षा और रेलवे विभाग के कई भ्रष्टाचार का खुलासा किया। रक्षा मंत्रालय के रक्षा संवाददाता पाठयक्रम-2016 पूरा किया। इसके बाद रक्षा मामलों की पत्रकारिता शुरू कर दी। चीन, पाकिस्तान और कश्मीर मामलों पर तीक्ष्ण नजर रहती है। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्या 2017, राइफलमैन औरंगजेब की हत्या 2018, जम्मू—कश्मीर में बदले 2018 में बदले राजनीतिक समीकरण, पुलवामा हमला 2019, कश्मीर से 370 का हटना, गलवान घाटी मुठभेड़ 2020 को बेहद करीब से जम्मू और कश्मीर में रहकर ही कवर किया। कोरोना काल 2020 में भी लददाख से नेपाल तक की यात्रा चीन के बदलते समीकरण को लेकर की। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव 2019 में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की रिपोर्टिंग की। 9 नवंबर 2019 को श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या मामले में आए फैसले की अयोध्या से कवर किया। 2022 उत्तरप्रदेश् चुनाव को सहारनपुर से सोनभद्र तक मोटर साइकिल के माध्यम से कवर किया। पत्रकारिता से इतर आनंद मणि त्रिपाठी को संगीत और पर्यटन का जबरदस्त शौक है। इन्हें किसी भी कार्य में असंभव शब्द न प्रयोग करने के लिए जाना जाता है...

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