scriptRajasthan High Court order on gurukul shikshan sansthan | गुरूकुल शिक्षण संस्थान से जुड़ी अन्य संस्थाओं की मान्यता रद्द करने संबंधी आदेश पर हाईकोर्ट की रोक | Patrika News

गुरूकुल शिक्षण संस्थान से जुड़ी अन्य संस्थाओं की मान्यता रद्द करने संबंधी आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

पिछले विधानसभा सत्र के दौरान चर्चा में आई गुरूकुल यूनिवर्सिटी से जुड़ी गुरूकुल शिक्षण संस्थान को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

जयपुर

Published: June 18, 2022 02:45:18 pm

अरविंद पालावत
जयपुर। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान चर्चा में आई गुरूकुल यूनिवर्सिटी से जुड़ी गुरूकुल शिक्षण संस्थान को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल, अदालत ने गुरूकल संस्थान की अन्य संस्थाओं की मान्यता रद्द करने संबंधी नोटिस पर अंतरिम आदेश देते हुए रोक लगा दी है। जस्टिस सुदेश बंसल की बैंच ने यह अंतरिम आदेश दिया है।

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बता दें कि गुरूकुल यूनिवर्सिटी का मामला उजागर होने के बाद संस्थान के खिलाफ जांच बैठाई गई। जिसके बाद सरकार ने गुरूकुल शिक्षण संस्थान से संबंद्ध शैक्षणिक संस्थाओं की मान्यता रद्द करने का आदेश 19 अप्रेल, 2022 को जारी किया। इस आदेश के बाद संस्थान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए रोक लगाने की मांग की। इस पर अदालत ने अंतरिम आदेश देते हुए उच्च शिक्षा विभाग के साथ ही शेखावाटी यूनिवर्सिटी व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब—तलब किया है।

अदालत में दी ये दलील
गुरूकुल शिक्षण संस्थान की ओर से पैरवी करते हुए एडवोकेट आरबी माथुर, एडवोकेट निखिल सिमलोट और प्रहलाद शर्मा ने कोर्ट को बताया कि संस्थान पिछले 20 वर्षों से कई संस्थान चला रही है। 19 अप्रेल के एक आदेश के मुताबिक संस्थान के अन्य इंस्टिट्यूशन की एनओसी रद्द की जा रही है। अधिवक्ताओं ने तर्क देते हुए कहा कि गुरूकुल शिक्षण संस्थान सभी निर्धारित शर्तें भी पूरी करता है। उन सभी के आधार पर पूर्व में मान्यता दी गई है। ऐसे में 19 अप्रेल का आदेश खुद ही नियमों का उल्लंघन हैं।

यूं उजागर हुआ था मामला
दरअसल, राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान एक ऐसी यूनिवर्सिटी खोलने का बिल पेश कर दिया गया जो हकीकत में है ही नहीं। मामला सीकर में गुरुकुल यूनिवर्सिटी नाम से निजी विश्वविद्यालय के खोले जाने का था। सदन में बिल की लिस्टिंग तक हो चुकी थी। तभी अचानक पता चला कि इस यूनिवर्सिटी का तो हकीकत में कोई अस्तित्व ही नहीं है। इसके बाद आनन-फानन में गहलोत सरकार ने बिल वापस लिया और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। यह यूनिवर्सिटी गुरूकुल शिक्षण संस्थान की ओर से खोली जा रही थी।

करीब 80 एकड़ में फैली बताई थी यूनिवर्सिटी
राजस्थान विधानसभा में यह बिल 24 फरवरी को पेश किया गया था। जिसमें गुरुकुल यूनिवर्सिटी को 80.31 एकड़ में फैला बताया गया। साथ ही कहा गया कि इसमें 28 प्रशासनिक ब्लॉक्स, 155 एकेडमिक ब्लॉक्स और 38 प्रयोगशालाएं हैं। यह भी दावा किया गया कि इस यूनिवर्सिटी में हेल्थकेयर, पावर बैकअप और क्लासरूम में प्रोजेक्टर्स भी लगे हैं। इसके अलावा 50 हजार किताबों वाली एक लाइब्रेरी है। इस लाइब्रेरी में तीन दर्जन अखबारों और मैगजीन्स का सब्सक्रिप्शन होने के साथ 56 फिजिकल और 23 ई-जॉर्नल हैं। वहीं विवि. में इंडोर और आउटडोर खेल की सुविधा है। जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं पाया गया।

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