मनरेगा में रोजगार देने में राजस्थान दूसरे नंबर पर

लॉकडाउन में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में राजस्थान दूसरे नंबर पर है।

By: Bhagwan

Published: 30 Apr 2020, 05:46 PM IST

नई दिल्ली. लॉकडाउन में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में राजस्थान दूसरे नंबर पर है। योजना के अंतर्गत राजस्थान के 906378 मजदूरों को काम मिला।
वहीं छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है। देशभर में मनरेगा कार्यों में लगे कुल मजदूरों में से करीब 24 फीसदी अकेले छत्तीसगढ़ से हैं। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। प्रदेश की 9883 ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न मनरेगा कार्यों में अभी 18 लाख 51 हजार 536 श्रमिक काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने इस कठिन दौर में भी मनरेगा के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए सरपंचों की सक्रियता एवं तत्परता की सराहना की है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मनरेगा कार्यों में अभी पूरे देश में 77 लाख 85 हजार 990 मजदूर काम कर रहे हैं। इनमें सर्वाधिक 18 लाख 51 हजार 536 मजदूर अकेले छत्तीसगढ़ से हैं, जो कुल मजदूरों की संख्या का करीब एक चौथाई है। इस सूची में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ राजस्थान दूसरे और 12 प्रतिशत भागीदारी के साथ उत्तरप्रदेश तीसरे स्थान पर है। देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी पिछले वर्ष की ही तरह मनरेगा में प्रदेश का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी है।

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