बंदियों को छोडने के मामले में जेल अफसरों की बैठक

बंदियों को छोडने के मामले में जेल अफसरों की बैठक


जयपुर
दिल्ली स्थिति तिहाड़ जेल से करीब तीन हजार से भी ज्यादा बंदियों को छोडने की तैयारी की जा रही है। पंजाब की जेलों में पहले ही पांच हजार से भी ज्यादा बंदियों की सूची तैयार की जा चुकी है। ऐसी स्थिति में राजस्थान में भी बंदियों के लिए अच्छी खबर है। साधारण धाराओं में बंद बंदियों की लिस्ट तैयार की जा रही है। सरकार से ग्रीन सिग्नल मिलते ही इन बंदियों को एक महीने से लेकर चालीस दिन की पैरोल पर छोड़ दिया जाएगा। हांलाकि इसके लिए नियमों का पालन करना जरुरी होगी। डीजी जेल एनआनके रेड्डी ने बताया कि कोर्ट के आदेशों के अनुसार हमने प्रदेश भर की जेलों से बंदियों की लिस्ट तैयार कर ली है। उनकी लिस्ट अलग है जिन्हें पांच और सात साल की सजा हिसाब से रखा गया है। वे बंदी भी अलग किए गए हैं जो छोटे अपराधों में बंद हैं और आदतन अपराधी नहीं हैं। इसे लेकर जल्द ही गृह विभाग के अफसरों और न्यायिक अधिकारियों के साथ जल्द ही बैठक होनी है। उसके बाद यह फैसला होगा कि कितने बंदियों को कितने दिन के लिए जमानत या पैरोल पर छोड़ा जाना है।

20 हजार से ज्यादा बंदी. 60 प्रतिशत से ज्यादा अंडर ट्रायल
प्रदेश की करीब एक सौ दस जेलों में वर्तमान में बीस हजार से भी ज्यादा बंदी बंद हैं। बड़ी बात ये है कि इनमें से करीब चौदह हजार से भी ज्यादा बंदी अंडर ट्रायल हैं यानि उनकी सजा पर पूरी तरह से फैसला नहीं हो सका है। इन बंदियों में चोरी, मारपीट जैसे धाराओें के साथ ही लूट, बलात्कार और हत्या की धाराओं में सजा काट रहे बंदी शामिल हैं। जेल अधीक्षकों और जेलरों को ऐसे बंदियों की लिस्ट ही तैयार करने के लिए कहा गया है। बंदियों की सबसे ज्यादा संख्या प्रदेश की नौ सेंट्रल जेलों में है।

JAYANT SHARMA Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned