VIDEO: राजस्थान में मेवाड़-वागड़ की 14 सीटें हैं ख़ास, यहां जो जीता वो 'सिकंदर'

nakul devarshi | Publish: Sep, 03 2018 08:30:14 AM (IST) | Updated: Sep, 03 2018 08:41:26 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर।

किसी पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में मेवाड़-वागड़ अंचल के आदिवासी बेल्ट की 14 सीटें अहम भूमिका निभाती रही हैं। यही वजह है कि भाजपा ने राजस्थान गौरव यात्रा के रूप में चुनावी अभियान मेवाड़-वागड़ से ही शुरू किया। इन सीटों को ध्यान में रखकर भाजपा ने जहां आदिवासियों में जनजागरण के प्रणेता गोविंद गुरु के नाम से सामुदायिक भवनों के निर्माण की घोषणा की, वहीं मानगढ़ में उनके स्मारक को विकसित करने की योजना को मंजूरी दी। यह इलाका गुजरात से सटा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का असर भी इस इलाके में देखने को मिलता रहा है। यही वजह है कि भाजपा राज्य के साथ केन्द्र की योजनाओं को जोर-शोर से गिना रही है। दूसरी ओर कांग्रेस आदिवासी इलाकों का विकास ठप करने को मुद्दा बना रही है। इसमें सबसे अहम मुद्दा डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल लाइन, बांसवाड़ा में परमाणु बिजलीघर, माही बांध का पानी अन्य क्षेत्रों को देने और पेयजल समस्या है।

 

आदिवासी इलाके में वैसे तो कांग्रेस का दबदबा रहा है, लेकिन 2013 के चुनाव में भाजपा ने इसमें तगड़ी घुसपैठ की। खासतौर पर वागड़ की 9 में से 8 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल कर ली। उदयपुर जिले की 5 में से 4 और प्रतापगढ़ की दोनों सीटें भी भाजपा ने जीत ली। इन दोनों जिलों में 2003 में भी भाजपा का प्रदर्शन ऐसा ही था।

 

ये भी आदिवासी सीटें
सिरोही जिले की पिंडवाड़ा आबू और बारां जिले की किशनगंज सीटें भी आदिवासी बाहुल्य हैं। यह दोनों सीटें फिलहाल भाजपा के पास हैं। जबकि 2008 में यह दोनों सीटें कांग्रेस के कब्जे में थीं।

 

भाजपा सरकार ने ये की कोशिशें
- उदयपुर के आदिवासी क्षेत्र में मानसी वाकल बांध पानी की समस्या काफी हद तक सुलझी।
- गांवों में मिसिंग लिंक व गौरव पथ बने, लेकिन कई गांवों को आज भी इंतजार।
- बांसवाड़ा में गोविन्द गुरु ट्राइबल विश्वविद्यालय खोला, मानगढ़ धाम स्मारक बनाया। घोटिया आंबा और बेणेश्वर धाम का विकास।

 

दोनों पार्टियों ने बिछा रखी है चुनावी चौसर
भाजपा ने प्रतापगढ़ से नंदलाल मीणा को कैबिनेट मंत्री बना रखा है। बांसवाड़ा से धन सिंह रावत और डंूगरपुर से सुशील कटारा को राज्य मंत्री बनाकर आदिवासियों को संतुष्ट करने की कोशिश की है। क्षेत्र के सामान्य वर्ग को खुश करने के लिए हर्षवद्र्धन सिंह डूंगरपुर को राज्यसभा भेजा है। इसके अलावा भाजपा ने कई अन्य नेताओं को बोर्ड, निगम और आयोगों में भी नियुक्ति दी है। सत्ता में हिस्सेदारी देने के अलावा भी भाजपा ने कुछ वादे पूरे किए हैं तो कई अभी तक अधूरे भी हैं। उधर कांग्रेस ने हाल ही में सलू बर से विधायक और सांसद रह चुके रघुवीर मीणा को कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य बनाकर इस इलाके के लिए अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। बांसवाड़ा में कांग्रेस की कमान पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय और डंूगरपुर में ताराचंद भगौरा ने थाम रखी है। हालांकि दोनों जिलों में कांग्रेस में बिखराव झलकता है।

 

अब वोटरों को ऐसे रिझा रहे
कांग्रेस : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झूठे वादे कर धोखा दिया है। मु यमंत्री वसुंधरा राजे को अब चुनाव याद आए तो गांव-गांव में रथ लेकर निकली हैं। कांग्रेस भ्रष्टाचार, किसानों को बिजली नहीं मिलने, किसानों की आत्महत्या, बच्चों में कुपोषण व स्कूल बंद करने के मुद्दे उठा रही है।
भाजपा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य की वसुंधरा राजे भाजपा सरकार के कामकाज गिना रही। मोदी सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचा रही है। नारा है-विकास चाहते हैं तो मोदी-वसुंधरा के साथ-साथ आप भी बढ़ाएं हाथ।

 

ये है सियासी सूरत
आदिवासी सीट 2008 2013
झाड़ोल भाजपा कांग्रेस
सलूंबर कांग्रेस भाजपा
गोगुंदा कांग्रेस भाजपा
खेरवाड़ा कांग्रेस भाजपा
उदयपुर ग्रामीण कांग्रेस भाजपा
बांसवाड़ा कांग्रेस भाजपा
बागीदौरा कांग्रेस कांग्रेस
कुशलगढ़ जेडीयू भाजपा
घाटोल निर्दलीय भाजपा
गढ़ी कांग्रेस भाजपा
डूंगरपुर कांग्रेस भाजपा
सागवाड़ा कांग्रेस भाजपा
आसपुर कांग्रेस भाजपा
चौरासी कांग्रेस भाजपा

 

आदिवासियों के बड़े मुद्दे
वन अधिकार कानून
डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल लाइन
बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज
चिह्नित क्षेत्र की भर्तियों में स्थानीय को प्राथमिकता
प्रतापगढ़ में आदिवासियों के लिए अलग से महाविद्यालय
पेसा कानून को जमीनी स्तर पर लागू करना
परमाणु बिजलीघर की परियोजना

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