...तो ऐसे किसानों को नहीं मिलेगा कर्जमाफी का लाभ

Rajasthan Kisan Karz Mafi 2018 Latest Update

By: dinesh

Updated: 18 Dec 2018, 12:21 PM IST

जयपुर। मध्यप्रदेश की घोषणा ने उन किसानों को चिंता में डाल दिया है, जिन्होंने कुछ माह पहले भाजपा सरकार से कर्ज में पचास हजार रुपए तक की छूट ली है। मध्यप्रदेश में 31 मार्च तक के बकाया में छूट दी गई है। राजस्थान में 31 मार्च के बाद तो पचास हजार रुपए की छूट लेकर किसानों ने दुबारा लोन ले लिया है। भाजपा सरकार ने लघु व सीमांत किसानों से अल्पकालीन सहकारी ऋण में से पचास हजार रुपए माफ किए थे। मध्यप्रदेश का प्लान यहां लागू किया जाता है तो ऐसे किसानों को फायदा मिलना मुश्किल है।

 


ऐसे रहेगी कर्जमाफी की प्रक्रिया
प्रदेश में कर्ज माफी से पहले सरकार कर्ज की राशि और उससे प्रभावित किसानों का आकलन करेगी। इसके बाद सहकारी बैंक व राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए बजट प्रावधान किए जाएंगे। सहकारी बैंक राज्य का विषय है इसलिए इनके लोन माफ करने में सरकार को ज्यादा परेशानी नहीं आएगी। राष्ट्रीयकृत बैंक केन्द्र सरकार के अधीन है। इनके ऋण माफ करने के लिए पहले बजट उपलब्ध कराना होगा। बजट के अभाव में ये लोन माफ होना मुश्किल है। पंजाब व कर्नाटक में यही समस्या सामने आ रही है। सहकारी बैंक सरकार के दबाव में बिना बजट के लोन माफ कर सकते हैं। भाजपा सरकार के समय भी ऐसा ही हुआ था। नए लोन माफ करने से पहले वर्तमान सरकार को बैंकों के बकाया करीब छह हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था भी करनी होगी। सरकार ने करीब आठ हजार करोड़ रुपए के लोन माफ किए हैं। सरकार ने इसके लिए मात्र दो हजार करोड़ रुपए उपलब्ध कराए हैं। 22 सौ करोड़ रुपए अपेक्स बैंक ने एनसीडीसी से लोन लिया है तथा अन्य रकम सरकार के प्रति बकाया है। ऐसे में नए बजट के साथ पुराने बकाया बजट की भी व्यवस्था करना सरकार के जिम्मे है। यह बजट उपलब्ध नहीं होने पर बैंकों पर संकट आ सकता है।

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